बिहार में पहली बार हुआ लिवर ट्रांसप्लांट, बंगाली युवक के दिलमें धड़केगा मुजफ्फरपुर के रोहित का दिल

बिहार में पहली बार हुआ लिवर ट्रांसप्लांट, बंगाली युवक के दिलमें धड़केगा मुजफ्फरपुर के रोहित का दिल

17 साल के रोहित के अंगदान से बिहार में पहली बार लिवर ट्रांसप्लांट, 4 को नई जिंदगी, 2 उसकी आंखों से देखेंगे दुनिया

अाईजीअाईएमएस में पहली बार ब्रेन डेड मरीज के लिवर से 47 वर्षीय लिवर फेल्योर से पीड़ित मरीज का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। यह सफल रहा। एक मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट भी किया गया। एक किडनी और दो कॉर्निया बैंक में रख दिया गया है। कोशिश हो रही है गुरुवार सुबह तक किडनी ट्रांसप्लांट हो जाए। कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी गुरुवार को ही किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर के ब्रेन डेड मरीज रोहित कुमार के ये अंग उसके परिजन और स्टेट अार्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट अार्गनाइजेशन (सोटो) से अनुमति लेकर ही निकाले गए। रोहित के अंगदान से छह लोगों को नई जिंदगी मिल रही है। रोहित सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था और IGIMS में ही भर्ती था। 17 मार्च को यह पता चल गया था कि यह केस ब्रेन डेड का हो गया है। 17 मार्च को रोहित के परिजनों ने लिखित अनुमति दी। ब्रेन डेड कमिटी ने दूसरी बार 18 मार्च को सुबह 8.30 बजे जांच कर ब्रेन डेड सर्टिफिकेशन कर दिया। चूंकि, रोहित के परिजनों ने अंगदान की सहमति दी थी, इसलिए वार लेवल पर मरीज की तलाश शुरू हुई। चिह्नित मरीज का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है या नहीं, यह देखा गया।

प्राइवेट में 20 लाख, यहां 10 लाख रुपए ही होंगे खर्च : प्राइवेट में लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च करीब 20 लाख रुपए है, जबकि अाईजीअाईएमएस में यह खर्च 10 लाख अनुमानित है। राज्य सरकार से भी पांच लाख अनुदान का अाश्वासन मिला है। वैसे लिवर फेल्योर मरीजों की संख्या राज्य में कम नहीं है। हर महीने सात से अाठ मरीज अाते हैं। वैसे भी, गाइडलाइन के मुताबिक लिवर ट्रांसप्लांट की शुरुअात ब्रेन डेड मरीज के लिवर से की जाती है। इससे आईजीआईएमएस की प्रतीक्षा भी खत्म हुई।

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