द/लित हूं, इसलिए मंदिर में घुसने से मुझे रोका, बीजेपी के मंत्री ने लगाया आरोप, सीएम ने स्वीकारा

द/लित हूं, इसलिए मंदिर में घुसने से मुझे रोका, बीजेपी के मंत्री ने लगाया आरोप, सीएम ने स्वीकारा

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भाजपा मंत्री ने कहा – द/लित हूं, इसलिए मंदिर में घुसने से रोका, विधानसभा में उठाया मुद्दा

हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल ने राज्य विधानसभा को बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। सैजल ने कहा कि उन्हें और नाचन के विधायक विनोद कुमार को एक मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। मंत्री ने हालांकि, मंदिर के नाम और स्थान का उल्लेख नहीं किया। इस समय भी द/लितों के साथ इस तरह का व्यवहार होना निंदनीय है।

एससी/एसटी आरक्षण पर हो रही थी बहस: गौरतलब है कि मंत्री ने यह बात एक विधेयक पर चर्चा के दौरान कही है। यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को 10 साल तक बढ़ा देगा। राज्य विधानसभा ने अपने विशेष एक दिवसीय सत्र में सर्वसम्मति से संविधान (126 वां) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी।

इस भेदभाव को समाप्त करने की जरुरत: बता दें कि इससे पहले किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि द/लितों को राज्य में कुछ स्थानों पर मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। मंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस के उन विधायकों से सहमत हैं जिन्होंने कहा था कि कुछ मंदिरों में दलितों को प्रवेश की अनुमति अभी भी नहीं है। राजीव सैजल (47) जो कि सोलन जिले के कसौली (एससी) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, उन्होंने कहा कि इस भेदभाव को समाप्त करने के लिए समाज को एक कदम उठाने की आवश्यकता है।

“गांधी ने आरएसएस की प्रशंसा की थी”: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने जाति व्यवस्था को समाप्त करने के प्रयास में लंगर प्रणाली शुरू करने के लिए सिख गुरुओं की प्रशंसा की और कहा कि महात्मा गांधी ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समानता लाने के लिए आरएसएस के प्रयासों की प्रशंसा की थी। कांग्रेस विधायक सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि अगर मंत्री को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई तो उन्हें एससी / एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत संरक्षण प्रदान किया गया। जो तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा तैयार किया गया था। इस पर सैजल ने कहा कि वह बाहर की वास्तविकता पर प्रकाश डालना चाहते थे और इसे केवल उसी अर्थ में लिया जाना चाहिए।

सीएम ने स्वीकार की भेदभाव की बात: उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व दलित मंत्री को भी कुछ मंदिरों में प्रवेश नहीं मिला था और कांग्रेस के शासन काल में हुआ था। अनुसमर्थन प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर सैजल ने बहुत अच्छी बात कही है। ठाकुर ने स्वीकार किया कि राज्य के कुछ हिस्सों में दलितों के खिलाफ भेदभाव मौजूद है और समुदाय के सदस्यों को अभी भी अलग-अलग कतारों में भोजन परोसा जाता है।

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