अभी-अभी : बाबा बैद्यनाथ का दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, सुप्रीम कोर्ट का आदेश जारी

नहीं होगा श्रावणी मेले का आयोजन, सुप्रीम कोर्ट का हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संकट को देखते हुए देवघर में श्रावणी मेला का आयोजन करने की मंजूरी देने से शुक्रवार को इन्कार कर दिया. न्यायाधीश अरुण मिश्रा, न्यायाधीश बीआर गवइ और न्यायाधीश कृष्ण मुरारी की खंडपीठ झारखंड हाइकोर्ट द्वारा मेले का आयोजन नहीं कराने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

खंडपीठ ने हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए कहा कि झारखंड सरकार लॉकडाउन में छूट को देखते हुए धार्मिक स्थलों को खोलने पर विचार कर सकती है, लेकिन इसके लिए सामाजिक दूरी और अन्य दिशा-निर्देशों का ध्यान रखने की जरूरत है.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैद्यनाथ धाम में वार्षिक मेले के आयोजन की इजाजत देने की मांग करते हुए हाइकोर्ट के वर्चुअल दर्शन के फैसले को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ता के वकील समीर मलिक ने खंडपीठ को कहा कि 30 हजार पुजारियों को मंदिर जाने की इजाजत है, लेकिन भक्तों को नहीं.

इस पर न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने कहा कि ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है और झारखंड सरकार के वकील सलमान खुर्शीद से आधे घंटे में इसका जवाब देने को कहा. न्यायाधीश मिश्रा ने कहा कि ई-दर्शन और वास्तविक दर्शन में अंतर है.

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