आजम खान के अब्बा के नाम पर सरकारी पैसे से बनाया था पार्क, योगी सरकार ने नाम बदला डाला

उत्तर प्रदेश में जगहों और इमारतों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान में बनाए गए मुमताज पार्क का नाम बदल दिया गया है। दरअसल, मुमताज पार्क सपा सांसद आज़म खान के पिता मुमताज खान के नाम पर था। अब पार्क का नाम बदल कर देश के पहले शिक्षा मंत्री और रामपुर के पहले सांसद मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम पर रखा गया है। सोमवार (दिसंबर 7, 2020) को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी इसका लोकार्पण करेंगे।

उल्लेखनीय है कि सपा शासनकाल में रामपुर में आलीशान मुमताज पार्क का निर्माण कराया गया था। इस पार्क के निर्माण के लिए जिला जेल की ओर से प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। उस दौरान आजम खान नगर विकास मंत्री थे। उस दौरान केवल दस माह में पार्क का निर्माण किया गया था। अमृत योजना के तहत बनाए गए इस पार्क में करीब 60 लाख रुपए की लागत आई थी। 

वहीं, उद्घाटन पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खान ने किया था। अगस्त 2013 में पार्क के उद्घाटन बाद भी ताले नहीं खोले गए थे। पार्क का नाम आजम खान के पिता मुमताज खान के नाम पर मुमताज पार्क रखा गया। जिला प्रशासन के अथक प्रयासों के बाद 11 महीने पूर्व ही इसे आम लोगों के लिए खोला गया था।

बता दें कि भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के वेस्ट यूपी संयोजक आकाश सक्सेना ने डीएम से शिकायत की थी कि पार्क को सरकारी पैसे से बनाया गया है। इसलिए पार्क का नाम बदल दिया जाए। इसको लेकर प्रशासनिक अफसरों ने काफी मंथन किया।

अधिकारियों के मंथन के दौरान यह पता चला कि देश के पहले शिक्षा मंत्री रहे रामपुर के पहले सांसद मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम पर कोई स्थल नहीं है। इसलिए उनके नाम पर ही पार्क का नाम रखा जाएगा। डीएम ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम पर मंजूरी दे दी। जिसे बाद पार्क का नाम बदल दिया गया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान गाजियाबाद में 51 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण किए गए आला हजरत हज हाउस की जाँच के आदेश दिए। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल नंदी ने हज हाउस के निर्माण में जरूरत से ज्यादा खर्च हुए धनराशि का पता चलने के बाद एसआईटी को जाँच के आदेश दिए।

वहीं लंबे अरसे से विवाद और मुकदमों में चल रही उत्तर प्रदेश के भू-माफिया आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की दीवार पर बृहस्पतिवार (फरवरी 20, 2020) दोपहर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। आजम उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित इस यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। यह कार्रवाई प्रशासन की तरफ से चकरोड प्रकरण में की गई।

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