कोसी में जल प्रलय, 30 सेकेंड में नदी में समा गया स्कूल, खिड़की-दरवाजे के लिए लोगों ने जोखिम में डाली जान

कोसी का कटाव / 30 सेकेंड में नदी में समा गया स्कूल, खिड़की और दरवाजे के लिए लोगों ने जोखिम में डाली जान

नेपाल में हो रही भारी बारिश के चलते बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी उफनाई हुई है। नदी के दियारा इलाके में बाढ़ आ गई है। इसके साथ ही कोसी अपने तट पर तेजी से कटाव कर रही है। भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड के गोविंदपुर गांव में कटाव हो रहा है। सोमवार को गोविंदपुर का एकमात्र मिडिल स्कूल 30 सेकेंड में नदी में समा गया। इस स्कूल का आधा हिस्सा रविवार को बह गया था।

गांव के लोगों ने स्कूल के नदी में बहने का वीडियो बनाया है। कुछ युवक कटाव देखने के लिए नदी किनारे जमा थे। स्कूल की नीव के नीचे की मिट्टी पहले ही बह गई थी। पहले नदी की तरफ का दीवार गिरा। दीवार गिरने के बाद चंद सेकेंड के लिए छत बचा रहा। इसी दौरान एक कौआ आकर छत पर बैठ गया। वह कुछ सेकेंड के लिए बैठा फिर उड़ गया। इसके चंद सेकेंड बाद छत और स्कूल का बचा हिस्सा भड़भड़ाकर पानी में गिर गया।

खिड़की और दरवाजा के लिए लोगों ने जोखिम में डाली जान
कटाव के चलते नदी के किनारे की जमीन पानी में गिरकर बह रही है। इसके बाद भी गांव के लोग किनारे पर खड़े होकर स्कूल को गिरता देख रहे थे। यही नहीं, स्कूल गिरा तब उसकी खिड़की और दरवाजे पानी में बहने लगे। युवकों के बीच खिड़की और दरवाजे को पाने की होड़ मच गई। कई लड़के तो पानी में घुस गए और किसी तरह फर्निचर को निकालने की कोशिश करने लगे। हालांकि उफनाती कोसी नदी में लकड़ी के लिए जाना जान दांव पर लगाने के कम नहीं था।

गांव के लोगों ने बांध पर ली है शरण
कटाव के चलते गोविंदपुर गांव के सात घर कोसी में बह गए हैं। जिन लोगों के घर नदी किनारे हैं उन लोगों ने अपने घर को खाली कर दिया है। लोगों ने बांध पर शरण ली है। गांव के जयजय राम ऋषिदेव, श्रवण ऋषिदेव, सोमन ऋषिदेव, खेखर ऋषिदेव और लालो ऋषिदेव का घर कटाव की भेंट चढ़ चुका है। जिनके घर कट चुके हैं, उनका परिवार समीप के बांध पर पॉलिथीन टांग कर जिंदगी गुजार रहा है। वहीं, बचे घरों के लोग अपना सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।

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