जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भाजपा—जदयू आमने—सामने, बिहार की राजनीति में फिर से महाभारत शुरू

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भाजपा में मतभेद, विकास के बाद भी जनसंख्या वृद्धि से बिहार फिसड्डी, जनसंख्या स्थिरीकरण पर सोच समझकर कदम उठाने होंगे : मोदी =पटना। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल कानून बनाने और बेटियों को पढ़ाने से जनसंख्या स्थिरीकरण की दलीलों को सही नहीं मानते। इन दोनों को सिरे से नकारते हुए उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए भी साइकिल जैसी योजना बनाकर कम बच्चे वालों को हमें प्रोत्साहित करना होगा। कहा कि इतना विकास करने के बाद भी केवल जनसंख्या वृद्धि के कारण बिहार फिसड्डी दिखता है।

भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को कहा कि आपातकाल के दौरान जबरदस्ती नसबंदी का खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा था। अत: जनसंख्या स्थिरीकरण के बारे में बहुत सोच समझ कर रणनीति बनाने की आवश्यकता है। कहा है कि 2005 से एनडीए की सरकार ने लड़कियों की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का जो प्रयास किया, उसी का परिणाम है कि बिहार की प्रजनन दर 4 फीसदी से घटकर 2019- 21 में राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 2.98 फीसदी पहुंच गई। श्री मोदी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में बिहार में प्रावधान है कि जिनके 2 से ज्यादा बच्चे हैं वे चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। भारत सरकार एवं बिहार सरकार की अनेक योजनाओं में एक या दो से ज्यादा बच्चा होने पर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाता है। श्री मोदी ने कहा कि बिहार में नगर निगम चुनाव के समान पंचायत चुनाव में भी दो बच्चों की अनिवार्यता को लागू किया जा सकता है। भारत सरकार और बिहार सरकार अन्य अनेक योजनाओं में भी प्रावधान कर सकती है, जिनका लाभ अधिकतम दो या तीन बच्चों के परिवार को ही मिल सके।

कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना होगा

डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस देश में पहली बार बालिका साइकिल योजना चलाई थी। मुझे याद है कि उस समय मैं किसी छोटी बच्ची से पूछता था कि तुम्हें क्या करना है तो उसका जवाब रहता था कि मैं नौवीं कक्षा में पढ़ना चाहती हूं, जिससे मुझे साइकिल मिल सके। आज उसी बालिका साइकिल योजना का परिणाम है कि स्त्रत्त्ी (बालिका) शिक्षा की उन्नति में 2 पीढ़ियों का लगने वाला समय महज 2 वर्षों में पाट दिया। जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए भी हमें ऐसे ही कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना होगा। बेतिया के सांसद ने सलाह दी कि एक एक बच्चा वालों को भी बड़ी आर्थिक सहायता, पूरे परिवार का बीमा जैसी प्रोत्साहन योजना चलाकर तेजी से लक्ष्य पाया जा सकता है।

गुरुवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए डॉ. जायसवाल ने कहा कि विगत 2 दिनों से जनसंख्या नियंत्रण पर बिहार में कुछ ज्यादा ही चर्चा हो रही है। कुछ नेताजी इसके लिए कानून चाहते हैं और कुछ का मानना है कि बेटियों को पढ़ाते रहो, उसी से जनसंख्या स्थिरीकरण हो जाएगा। कहा कि भारत की आबादी 464 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। सिर्फ 10 साल पहले यह 382 थी। वहीं बिहार की आबादी 1224 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। हम आज भी 3 गुना रफ्तार पकड़े हुए हैं और इसे रोकने की कोई योजना नहीं बना रहे। बिहार में जितने नए अस्पताल और स्कूल बनते हैं, उससे ज्यादा बच्चे पैदा हो जाते हैं। हाथ पर हाथ धर कर बैठने से इसका निदान नहीं निकलेगा।

जनसंख्या स्थिरीकरण पर सोच समझकर कदम उठाने होंगे : मोदी

पटना। भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को कहा कि आपातकाल के दौरान जबरदस्ती नसबंदी का खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा था। अत: जनसंख्या स्थिरीकरण के बारे में बहुत सोच समझ कर रणनीति बनाने की आवश्यकता है। कहा है कि 2005 से एनडीए की सरकार ने लड़कियों की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का जो प्रयास किया, उसी का परिणाम है कि बिहार की प्रजनन दर 4 फीसदी से घटकर 2019- 21 में राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 2.98 फीसदी पहुंच गई। श्री मोदी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में बिहार में प्रावधान है कि जिनके 2 से ज्यादा बच्चे हैं वे चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। भारत सरकार एवं बिहार सरकार की अनेक योजनाओं में एक या दो से ज्यादा बच्चा होने पर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाता है। श्री मोदी ने कहा कि बिहार में नगर निगम चुनाव के समान पंचायत चुनाव में भी दो बच्चों की अनिवार्यता को लागू किया जा सकता है। भारत सरकार और बिहार सरकार अन्य अनेक योजनाओं में भी प्रावधान कर सकती है, जिनका लाभ अधिकतम दो या तीन बच्चों के परिवार को ही मिल सके।

कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना होगा

डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस देश में पहली बार बालिका साइकिल योजना चलाई थी। मुझे याद है कि उस समय मैं किसी छोटी बच्ची से पूछता था कि तुम्हें क्या करना है तो उसका जवाब रहता था कि मैं नौवीं कक्षा में पढ़ना चाहती हूं, जिससे मुझे साइकिल मिल सके। आज उसी बालिका साइकिल योजना का परिणाम है कि स्त्रत्त्ी (बालिका) शिक्षा की उन्नति में 2 पीढ़ियों का लगने वाला समय महज 2 वर्षों में पाट दिया। जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए भी हमें ऐसे ही कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना होगा। बेतिया के सांसद ने सलाह दी कि एक एक बच्चा वालों को भी बड़ी आर्थिक सहायता, पूरे परिवार का बीमा जैसी प्रोत्साहन योजना चलाकर तेजी से लक्ष्य पाया जा सकता है।

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