झोपड़पट्टी में रहने वाले गरीब ठेला चालक को 21.76 लाख की क्षतपूर्ति ना कर पाने पर योगी सरकार ने करवाया गिरफ़्तार

विकास दुबे जैसे बड़े अपराधियों पर वर्षों तक मेहरबान रहने वाली उत्तर प्रदेश सरकार और उसकी पुलिस का डंडा गरीबों पर बहुत तेजी से चलता है. इसके एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों उदाहरण आपको देखने और सुनने को मिल जाएंगे. गरीबों पर कार्रवाई करने की तत्परता देखकर आपको लगेगा कि पुलिस कितने अच्छे तरीके से काम करती है.

ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आ रहा है जहां पुलिस ने एक गरीब रिक्शा चालक मोहम्मद कलीम पर 21 लाख का जुर्माना ठोंका और जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस का आरोप है कि कलीम ने 19 दिसंबर 2019 को सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होकर 21.76 लाख की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया.

सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा, अखिलेश ने कहा कि झोपड़पट्टी निवासी ठेला चालक को उप्र की सरकार ने रु 21.76 लाख की क्षतिपूर्ति न कर पाने की दशा में गिरफ़्तार कर लिया है. अमीरों की भाजपा सरकार ये जान ले कि ग़रीब के पास अगर इतना होता तो वो आपके ‘झूठे मुक़दमों की सच्ची वसूली’ के ख़िलाफ़ उल्टा ‘ठोकू सत्ता’ पर ही मुक़दमा ठोक देता.

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