तेजस्वी के बाढ़ प्रभावित इलाके के दौरे पर जेडीयू का तंज, कहा- जो जमीन लिखवाई है उसकी बाउंड्री कराने गए थे क्या?

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और वहां की स्थिति को लेकर सीएम नीतीश कुमार को घेरने के बाद सूबे की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. तेजस्वी के सीएम नीतीश को घेरने के बाद शुक्रवार को जेडीयू नेता और सांसद लालन सिंह ने उनपर हमला बोला है और उनकी अवैध संपत्ति का खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि एक-एक करके सब निकलेगा. वो चिंता क्यों कर रहे हैं, वो देखते जाएं बस. इस चुनाव के बाद उनकी पार्टी और उनका राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने दरभंगा में जो जमीन लिखवाई है उसकी बाउंड्री कराने गए थे क्या?

ललन सिंह ने लालू परिवार पर साधा निशाना

ललन सिंह ने मीडिया को बकायदा सबूत दिखाते हुए बताया कि आरजेडी और लालू प्रसाद यादव का परिवार जमीन के काम में लगातार लगे हुए हैं. नौकरी देकर जमीन लिखवा लेना, पार्टी का टिकट देने के बदले जमीन लिखवा लेना, ऐसे कई उदाहरण हैं. अभी जो ताजा कागज आया है, वो अमित कुमार का नाम के शख्स का है. दरभंगा के बाकरगंज के लहरियासराय के रहने वाले अमित ने दरभंगा में अपनी जमीन आरजेडी के नाम लिख दी. इसके बाद 2019 का चुनाव हुआ उसमें उन्होंने वीआईपी के नेता बद्री पूर्वे को महागठबंधन में सीट भी दिया और बद्रीपूर्वे को टिकट भी दिया.

ललन सिंह ने कहा, “यह जो अमित कुमार हैं उनके बारे में कहा जाता है कि वो पूर्वे के नजदीकी रिश्तेदार हैं. उस जमीन की रजिस्ट्री का कागज खुद तेजस्वी ने बद्री पूर्वे से रिसीव किया है. हम तेजस्वी जी से पूछना चाहते है कि अमित कुमार कौन हैं, उनका पूर्वे से क्या रिश्ता है? यह जमीन जो आपने लिखवाया किस कीमत पर लिखवाया? दान ले लिया और उनको मधुबनी से लोकसभा में टिकट दे दिया? कौन से जनता की भलाई की बात कर रहे हैं? किस बात की जनता की आपको चिंता है? आप और आपका परिवार तो अकूत संपत्ति बनाने के चक्कर में हैं. आपको थोड़ी शर्म भी नहीं आती है कि जब आप कहते हैं कि नीतीश कुमार हमें दूसरे लोगों से गाली दिलवा रहे हैं. अरे कौन आपको गाली देगा? आपसे तो हम जानना चाहते हैं कि अमित कुमार कौन हैं? आप बद्री पूर्वे से कौन सा जमीन का कागज रिसीव कर रहे हैं? किस आधार पर आपने उनको अलसांख्य सीट का टिकट दिया? ”

लालू यादव लोगों की भावना भड़काते थे- ललन सिंह

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”बहुत बड़े मसीहा हैं लालू यादव तो एक भी काम बताएं जो उन्होंने 15 साल के शासन काल में किया हो. बिहार में जो अतिपिछड़ा और दलित समाज के लोग हैं, या समाज के निचले पायदान पर जो लोग भी खड़े हैं, उनके कल्याण के लिए क्या काम किया? एक भी काम तो बताएं. कौन सा काम उन्होंने बिहार में किया कि वो मसीहा बन गए. भावना जरूर भड़काते थे. लोगों में भावना भड़का कर वोट लेने का काम करते थे. एक बार आपने सुना होगा फायर बिग्रेड का गाड़ी लेकर चलते थे, कहते थे कि दलित परिवार के बच्चा सब को नहलाओ, साबुन लगाओ. इससे दलित परिवार का आर्थिक स्थिति सुधरता है? इससे दलित परिवार के लोग मुख्य धारा में आते हैं? मुख्य धारा में लोग तब आते हैं जब उनके उत्थान के लिए विशेष प्रयास किया जाता है. नीतीश कुमार ने यही काम किया है.”

आरजेडी शासन काल की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि आपके समय में तो भय का माहौल था, सड़क नहीं था गड्ढा था, बिजली नहीं थी बिहार में, स्वास्थ्य सेवा चरमराई हुई थी.

आरजेडी ने किया पलटवार

इधर जेडीयू नेता के बयान का पटलवार करते हुए आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जेडीयू के नेता जमीन की राजनीति ना करें. जेडीयू की राजनीतिक जमीन खिसक गई है. अब इस चुनाव में बिहार की जनता उनका बोरिया बिस्तर बंधवा देगी. तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की पोल खोलकर रख दिया है. जब वो बिहार के हक-हकूक की बात करते हैं, तो उनको तेजस्वी यादव की जमीन याद आती है. लेकिन तेजस्वी यादव पर जनता जमीन क्या, जान भी दे रही है.

मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार की 12 करोड़ जनता तेजस्वी यादव की जमीन है. नेता प्रतिपक्ष दरभंगा, मधुबनी के बाढ़ का जायजा ले रहे थे, पीड़ितों की चीख और पुकार सुन रहे थे, सरकार को आइना दिखाने का काम कर रहे थे. इसी बात से जेडीयू के पेट में दर्द हो रही है. लेकिन तेजस्वी का एक्सप्रेस रोकना जेडीयू के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. ‘तेजस्वी एक्सप्रेस’ निकल चुका है. इसमें बिहार की 12 करोड़ जनता सवार है. यह तेजस्वी यादव का जमीन खोजते-खोजते थक जाएंगे और वो बिहार की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं और आगे भी उतरेंगे.

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