पटना-गया-दरभंगा-मुजफ्फरपुर-भागलपुर से दिल्ली-मुम्बई-गुवाहाटी-कोलकाता के लिए चलेगी तेजस ट्रैन

पटना, गया, दरभंगा समेत बिहार के इन स्टेशनों स चलेंगी प्राइवेट ट्रेनें, देखें लिस्ट

देशपटना में निजी क्षेत्र द्वारा यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन अप्रैल 2023 से शुरू हो सकता है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा कि निजी कंपनियां कुल मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में से मात्र पांच फीसदी यात्री रेलगाड़ियों का ही परिचालन करेंगी। यादव ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निजी कंपनियों द्वारा चलाई जाने वाली रेलगाड़ियों का यात्रा किराया इन मार्गों के हवाई एवं बस सेवा किराये के अनुरूप प्रतिस्पर्धी होगा। देशभर में निजी ट्रेन चलाने के फैसले के तहत पटना क्लस्टर में कुल 10 रूट्रों पर ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इनमें पटना से नई दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, मुंबई और गया से आनंद विहार टर्मिनल समेत अन्य जगहों की ट्रेनें शामिल हैं।

बिहार के इन स्टेशनों से चलेंगी प्राइवेट ट्रेनें : पटना से पुणे, पटना से उधना सूरत के पास, दानापुर से इंदौर, आनंद विहार से दरभंगा
आनंद विहार से भागलपुर, आनंद विहार से छपरा, नई दिल्ली से पटना, आनंद विहार से गया, हावड़ा से पटना, पटना से पनवेल मुंबई के पास, दरभंगा से जोगेश्वरी मुंबई के पास, पाटलिपुत्र से बेंगलुरु, कटिहार से तिलक ब्रिज नई दिल्ली के पास, किशनगंज से तिलक ब्रिज नई दिल्ली के पास, बरौनी से आनंद विहार

रेलगाड़ी परिचालन में निजी कंपनियों के उतरने से रेलगाड़ियों को तेज गति से चलाने के साथ ही रेल डिब्बों की प्रौद्योगिकी में भी बदलाव आएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की ओर से ये टिप्पणियां सरकार के यात्री गाड़ियों के परिचालन में निजी कंपनियों को प्रवेश देने की आधिकारिक घोषणा के एक दिन बाद आयी हैं।

रेलवे 2,800 मेल या एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का परिचालन करती
सरकार ने 151 आधुनिक रेलगाड़ियों के माध्यम से 109 युगल रेलमार्गों पर निजी कंपनियों द्वारा यात्री रेलगाड़ी चलाने की अनुमति देने के लिए पात्रता आवेदन आमंत्रित किये हैं। भारतीय रेलवे नेटवर्क को निजी हाथों में सौंपे जाने को लेकर व्यक्त की जा रही आशंकाओं पर एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा किया जाने वाला परिचालन भारतीय रेलवे के कुल यात्री रेलगाड़ी परिचालन का मात्र पांच प्रतिशत होगा।

भारतीय रेल अभी करीब 2,800 मेल या एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का परिचालन करती है। उन्होंने कहा, ‘निजी कंपनियां मात्र पांच प्रतिशत यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन करेंगी, जबकि 95 प्रतिशत का परिचालन समान यात्रा किराये पर रेलवे करता रहेगा। इससे गरीबों को बेहद फायदा होगा क्योंकि समान यात्रा किराये पर उन्हें बेहतर प्रौद्योगिकी और सुरक्षा की सुविधाएं मिलेंगी।’

निजी कंपनी खरीदेगी ट्रेन
यादव ने कहा, ‘रेलगाड़ी की खरीद निजी कंपनियां करेंगी। उनके रखरखाव का जिम्मा भी उन्हीं का होगा। देश में निजी रेलों का परिचालन अप्रैल 2023 तक शुरू होने की उम्मीद है।’ चेयरमैन ने कहा, ‘निजी रेलगाड़ियों का किराया संबंधित मार्ग पर हवाई सेवा और एसी बस सेवा के किराये को ध्यान में रखकर तय करेंगी। मुझे नहीं लगता निजी रेलगाड़ियों का यात्रा किराया बहुत ज्यादा होगा, यदि उन्हें अपने परिचालन को वित्तीय तौर पर व्यवहारिक बना कर रखना है तो वह ऐसा नहीं करेंगी।’

सभी डिब्बों की खरीद ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत
यादव ने कहा कि रेलगाड़ी के जिन कोचों को अभी हर 4,000 किलोमीटर की यात्रा के बाद रखरखाव की जरूरत होती है प्रौद्योगिकी बेहतर होने से यह सीमा करीब 40,000 किलोमीटर हो जाएगी। इससे उनका महीने में एक या दो बार ही रखरखाव करना होगा। इसमें रेलगाड़ी के सभी डिब्बों की खरीद ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्री रेलगाड़ी परिचालन मे निजी कंपनियों को लाने का एक मकसद यह भी है कि इन्हें मांग के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा जिससे रेलगाड़ियों में ‘प्रतीक्षा सूची’ में कमी होगी।

यादव ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2019-20 में रेल यात्रियों की संख्या 8.4 अरब रही, वहीं हम हर साल करीब पांच करोड़ लोगों को सीट उपलब्ध नहीं करा पाते हैं।’ चेयरमैन ने कहा, ‘पिछले 70 सालों में हम रेलवे के बुनियादी ढांचे को इस तरह विकसित नहीं कर सके कि सभी यात्रियों को सेवाएं दे सकें। इस पर पिछले छह साल में ध्यान दिया गया है। हमें हर यात्री को मांग के आधार पर यात्रा सेवा देने में सक्षम होना चाहिए। यह परियोजना (निजी रेलगाड़ी परिचालन) हमारी बुनियादी ढांचे को विकसित करने की निरंतरता का हिस्सा है।’

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