बिहार के प्रवासी मजदूरों के लिए हमने बहुत किया, मीडिया ने नहीं दिखाया, अमित शाह ने खोले कई राज

हमने बहुत किया, मीडिया ने नहीं दिखाया- प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर बोले अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि ‘उनकी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के लिए बहुत कुछ किया लेकिन उसे मीडिया में नहीं दिखाया गया।’ दरअसल न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह से सवाल किया गया कि लॉकडाउन के दौरान गरीब प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया गया और उन्हें पलायन को मजबूर होना पड़ा और अब सरकार की तरफ से आत्मनिर्भर भारत, गरीब कल्याण योजना आदि का ऐलान किया जा रहा है?

इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि “मुझे लगता है कि सरकार के प्रयासों को मीडिया ने नहीं दिखाया। जिस दिन से लॉकडाउन हुआ, उसी दिन मैंने और प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के सीएम से बात की कि फैक्ट्रियां बंद हैं तो मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। इस दौरान 2.5 करोड़ मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था की गई। जिसके लिए सरकार ने एनडीआरएफ द्वारा 11 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी।”

अमित शाह ने बताया कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी गई। इस तरह एक करोड़ से ज्यादा लोगों को देश के एक कोने से दूसरे कोने पहुंचाया गया और सरकार ने ढंग से अपनी जिम्मेदारी को निभाया। अमित शाह ने कहा कि दुनिया के कई अन्य देशों की तुलना में भारत में स्थिति काफी बेहतर है। गृह मंत्री ने कहा कि देश में कोरोना से रिकवरी रेट बढ़ा है।

राजधानी में कोरोना के हालत पर अमित शाह ने कहा कि हाल के दिनों में दिल्ली में काफी कुछ किया गया है, जिससे अभी हालात ठीक हैं। दिल्ली में कोरोना के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की बात से अमित शाह ने इंकार किया है। अमित शाह ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के उस दावे को भी नकार दिया, जिसमें सिसोदिया ने जुलाई के अंत तक दिल्ली में कोरोना के 5.5 लाख केस होने की बात कही थी। अमित शाह ने कहा कि पहले दिल्ली में आइसोलेशन बेड की कीमत 24-25 हजार रुपए थी, जिसे अब घटाकर 8-10 हजार रुपए कर दिया गया है। आईसीयू बेड के रेट भी 44-54 हजार से घटाकर 15-18 हजार कर दिए गए हैं।

अमित शाह ने ये भी बताया कि दिल्ली में टेस्टिंग की संख्या बढ़ा दी गई है और लोगों के घर घर जाकर रोजाना टेस्ट किए जा रहे हैं। कंटेनमेंट जोन में हर घर के सर्वेक्षण का काम भी शुरू कर दिया गया है।

अमित शाह ने बताया कि 14 जून को दिल्ली में 9937 कोरोना बेड थे, जो कि 30 जून को बढ़कर 30 हजार हो जाएंगे। रेलवे कोच के रुप में 8000 बेड उपलब्ध हैं और 8000 और जोड़े जा सकते हैं। डीआरडीओ 250 आईसीयू बेड का कोविड अस्पताल तैयार कर रहा है। वहीं आईटीबीपी राधा स्वामी सत्संग व्यास में 10 हजार बेड का कोविड सेंटर का संचालन कर रहा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *