बिहार के मुजफ्फरपुर में उद्योगों का जाल, 886 करोड़ खर्च कर बनेगी फैक्टरियां, लोगों को रोजगार

1298 लोगों को मिलेगा रोजगार, 72.2 एकड़ जमीन आवंटित की गई : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए राज्य सरकार बियाडा की जमीन आवंटित कर रही है। राज्य में 886 करोड़ निवेश के साथ 1298 लोगों के रोजगार के प्रस्ताव पर बियाडा की स्वीकृति मिल गई। मंगलवार को बियाडा मुख्यालय में प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी की बैठक में विभिन्न कंपनियों को जमीन आवंटित किया गया। आईटीसी को चीनी निगम से मुजफ्फरपुर के महवल की 60 एकड़ जमीन को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए आवंटित किया गया । इसमें कंपनी द्वारा प्रथम फेज में 519 करोड़ का निवेश किया जाना है। इसमें 500 लोगों का नियोजन हो सकेगा। आईटीसी के अलावा ब्रिटेनिया को बिहटा के सिकंदरपुर में बिस्किट और बेकरी उत्पादन के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की गई। इसमें 300 करोड़ का निवेश प्राप्त होगा और 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। भगवती प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए बिहटा के ही सिकंदरपुर में 7.5 एकड़ भूमि आवंटित की गई। इसमें 67 करोड़ का निवेश एवं 548 लोगाें का नियोजन होगा।


विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की दिशा में पहला कदम
MUZAFFARPUR जंक्शन काे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसको लेकर रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण(अारएलडीए) ने कंसल्टेंसी चयन के लिए 29 जनवरी तक प्रस्ताव अामंत्रित किया है। इसके बाद अारएलडीए एजेंसी का चयन करेगी। हालांकि, इसके पूर्व भी 12 अक्टूबर 2020 की तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन लॉकडाउन व अन्य तकनीकी कारणों की स्थिति में कंसल्टेंसी का चयन संभव नहीं हो सका था। बता दें कि जंक्शन के एकीकृत विकास के लिए स्टेशन रि-डेवलपमेंट प्राेग्राम के तहत 110 कराेड़ की राशि का प्रावधान केंद्र सरकार की अाेर से किया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कंसल्टेंसी के लिए इच्छुक एजेंसी पूर्ण जानकारी www.rida.indianrailways.gov.in पर या www.tenderwizard.com/RLDA पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। दूसरी अाेर इस संबंध में जानकारी देने के लिए रेलवे बाेर्ड ने पूर्व मध्य रेलवे के संयुक्त महाप्रबंधक/ परियोजना 2 को भी जवाबदेही सौंपी है।

ए-1 क्लास स्टेशन में है चयनित | जंक्शन ए-1 क्लास स्टेशन के रूप में चयनित है। यह साेनपुर मंडल का सबसे अधिक राजस्व देने वाला स्टेशन है। लेकिन अाजादी के बाद से ही यह काफी पिछड़ा हुअा है।एकीकृत विकास के क्रम में मल्टी फंक्शनल कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टाेरी पार्किंग समेत कई प्रकार की यात्री सुविधाअाें का विस्तार हाेगा। पुरानी बिल्डिंगाें काे ताेड़कर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। वहीं दाेनाें अाेर की सर्कुलेटिंग एरिया काे पूर्ण सुरक्षित जाेन के रूप में विकसित किया जाएगा।
{प्रतिदिन 40-45 हजार यात्री अाते-जाते हैं।

{प्रतिदिन 70 से अधिक ट्रेनें अाैर 35 मालगाड़ी चलती है।{24 रैक खड़ी करने के लिए एक, 22 रैक खड़ी करने के लिए एक, 16 रैक खड़ी करने वाला 2 अाैर 12 रैक वाला दाे समेत कुल 6 प्लेटफॉर्म जंक्शन पर है।{पुरानी पैनल से अभी भी हो रहा ट्रेनों का परिचालन…दो एजेंसी के प्रतिनिधियाें ने नगर आयुक्त से मुलाकात की। दोनों ने कहा, शहर में कचरा बीनने वाले जो मजदूर हैं, उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा। रौतनिया में कचरा से प्लास्टिक अलग करेंगे। इसे री-साइकिल किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा, स्वच्छ भारत मिशन में कचरा निष्पादन करना है। इसके तहत एजेंसी को हर तरह का सहयोग किया जाएगा। तीन माह में परफॉरमेंस बेहतर रहा तो अवधि में विस्तार किया जाएगा।

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