बिहार चुनाव के सुपर हीरो PM मोदी नहीं, CM नीतीश होंगे, BJP से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी JDU

बिहार चुनाव : NDA में JDU को मिल सकती है सबसे अधिक सीटें, फार्मूले के लिए बैठक 15 सितंबर के बाद

बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटकों में सबसे ज्यादा सीटें जनता दल (यूनाईटेड) को मिलने की संभावना है। एनडीए के घटकों ने राज्य में इसके लिए जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

सभी दल अभी चुनाव-घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। इधर, एनडीए के तीनों घटक दलों- जदयू, भाजपा और लोजपा के बीच सीटों के बंटवारे का मोटा-मोटी फार्मूला तैयार हो गया है। अब 15 सितंबर के बाद तीनों दलों के बड़े नेताओं की बैठक होने की संभावना है, जिसमें सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जाएगा। एनडीए में यह लगभग तय माना जा रहा है कि जदयू सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उससे थोड़े कम पर भाजपा चुनाव मैदान में होगी। तीसरे नंबर की पार्टी लोजपा होगी। अगर कुछ और नेता एवं दल एनडीए के साथ आते हैं, तो उन्हें भी कुछ सीटें दी जा सकती हैं। इनमें जीतनराम मांझी शामिल हैं, जो अपने भविष्य की राजनीति का फैसला 02 सितंबर को करने वाले हैं। भाजपा व जदयू- दोनों दल कह चुके हैं कि एनडीए के साथ आस्था रखने वालों के लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में जदयू लगभग 110 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा की सीटों की संख्या 100 के आसपास रह सकती है। जबकि, लोजपा को 30 से 35 सीटें दिए जाने की उम्मीद है। हालांकि लोजपा इससे सहमत नहीं है। वह 40 से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है। कुछ छोटे दलों और नेताओं के साथ आने पर लगभग एक दर्जन सीटें उनको दी जा सकती हैं। इसके लिए तीनों दलों को अपने हिस्से की सीटों में कटौती करनी होगी।

इस बीच, भाजपा नेतृत्व यह साफ कर चुका है कि एनडीए के नेता नीतीश कुमार ही होंगे। इसलिए कुछ अहम सीटों पर उनकी राय को तवज्जो दी जाएगी, ताकि गठबंधन और नेतृत्व पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतर सके। भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि एनडीए इन चुनावों को एक बड़ी चुनौती मानता है और वह विपक्ष को लेकर किसी तरह की गलतफहमी में नहीं है। चुनाव में हमेशा कड़ा मुकाबला होता है और तैयारी भी उसी के अनुरूप की जा रही है।

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