बिहार चुनाव से पहले NDA को बड़ा झटका, गठबंधन से लगभग अलग हुई LJP, औपचारिक ऐलान बाकी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की एकता धव्स्त हो गई है. आखिरकार एलजेपी ने एनडीए से किनारा कर लिया है. हालांकि, अब भी पार्टी प्रमुख ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. लेकिन पार्टी के प्रवक्ता ने यह साफ कर दिया कि एलजेपी खुलकर नीतीश कुमार के नीतियों का विरोध कर रही है और करेगी. 

एलजेपी पार्टी के प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने बताया कि हम 2015 से नीतीश कुमार की नीतियों के खिलाफ हैं. हम एनडीए में हैं. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिसको भी आशीर्वाद देंगे हम उनके साथ थे और यही मानना हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का भी है.

उन्होंने कहा कि एलजेपी बहुत जल्द फर्स्ट फेज के उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी. एलजेपी ने करीब 56 सीटों को चिह्नित कर लिया है. पार्टी अपने उम्मीदवारों का नाम फाइनल कर चुकी है और चुनाव में जाने को तैयार है.

बता दें चिराग पासवान के नेतृत्व में एलजेपी नीतीश सरकार के साथ मिलकर नहीं रहना चाहती. सीटों के समीकरण को लेकर भी दांवपेंच अटका हुआ है. ऐसे में कई दिनों से पार्टी ने अलग चुनाव लड़ने का नारा बुलंद किया हुआ है. एलजेपी संसदीय बोर्ड ने तो बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी को 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के फैसले पर सहमति जताई थी.

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी प्रवक्ता का यह बयान क्या माहौल बनाने का एक तरीका मात्र था या एलजेपी अब सच में एनडीए का हिस्सा नहीं रही?

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