बिहार में सहायक प्राध्यापक बनने की चाह रखने वालों को बड़ा तोहफा, भर्ती नियम में संशोधन

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PATNA : बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बनने की चाह रखने वालों को बड़ी राहत मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए परिनियम-2020’ में संशोधन कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, बिहार के अभ्यर्थियों की यह आशंका भी खत्म हो गई कि परिनियम की वजह से उनकी दावेदारी कमजोर होगी। परिनियम में मुख्य रूप से एमफिल डिग्री पर वेटेज समाप्त कर दिया गया है और यूजीसी रेगुलेशन, 2009 जिस विश्वविद्यालय में लागू होने की तिथि से मान्य कर दिया गया है। इसके पहले इस डिग्री के लिए निबंधित अभ्यर्थी यदि 2009 रेगुलेशन की पांच शर्तों को पूरा करते हैं तो उनकी दावेदारी मान्य होगी।

बिहार में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के शिक्षकों के मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसका लाभ एक अप्रैल, 2021 से मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के शिक्षकों की नई सेवाशर्त नियमावली को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। इसके अनुसार साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ सितंबर, 2020 से ही दिया जाएगा। वहीं इन शिक्षकों के मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसका लाभ एक अप्रैल, 2021 से मिलेगा।

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