भारत की 60 KM इलाके पर चीन का कब्जा, लद्दाख के पैगोंग त्सो में पीछे हटने को तैयार नहीं चीनी सेना

लद्दाख के पैगोंग त्सो में पीछे हटने को तैयार नहीं चीनी सेना, 60 वर्ग किमी के इलाके पर किया कंट्रोल

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को मिलिट्री के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ जारी तनाव की समीक्षा की। चीनी सेना बातचीत के बाद एलएसी पर कई पॉइंट पर पीछे हटने के लिए तैयार हो गई है लेकिन पैगोंग त्सो इलाके में अभी तक चीनी सेना ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और तनाव के बीच वहां अभी भी बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की तैनाती बनी हुई है।

बता दें कि 5-6 मई को भारतीय और चीनी सैनिकों को बीच झड़प लद्दाख के पैगोंग त्सो इलाके में ही हुई थी। इसके बाद ही सीमा पर कई जगह दोनों सेनाएं आमने-सामने आ गई थी। भारतीय सेना के सूत्रों ने शुक्रवार को द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया कि चीनी सेना ने कई अन्य पॉइंट पर भारत की बात मान ली है और पीछे हट गई है लेकिन पैगोंग त्सो इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है और चीनी सेना वहां से हटने के लिए तैयार नहीं है।

सैन्य सूत्र के अनुसार, 6 जून को दोनों सेनाओं के बीच हुई कमांडर लेवल की मीटिंग में भी चीन ने पैगोंग त्सो इलाके में भारत की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया था और चीनी सेना पीछे नहीं हटी है।

क्या है विवादः बता दें कि पैगोंग त्सो इलाके में चीनी सैनिक भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम को फिंगर 4 इलाके से आगे नहीं जाने दे रहे हैं। फिंगर 4 इलाके से आठ किलोमीटर आगे फिंगर 8 तक भारत एलएसी मानता है लेकिन अब चीनी सेना द्वारा फिंगर 4 से आगे भारतीय सैनिकों को गश्त नहीं करने दी जा रही है।

सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ‘सभी जगहों पर चीनी सेना ने हमारी चिंताओं को समझा है और उन्हें स्वीकार किया है लेकिन पैगोंग त्सो पर वह नहीं मान रहे हैं और अभी तक उनकी तरफ से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। ऐसा लग रहा है कि चीनी सेना यहां लंबे समय तक रुकने वाली है।’

27 मई को एक सैटेलाइट इमेज से पता चला था कि चीनी सेना ने पैगोंग त्सो इलाके के फिंगर 4 और फिंगर 8 इलाके के बीच भारी संख्या में अपने जवानों की तैनाती की है। पहले इस इलाके में दोनों सेनाएं पेट्रोलिंग करती थीं और भारतीय सेना की मांग है कि यहां फिर से यथास्थिति बहाल की जाए। फिंगर 4 पहाड़ी इलाके पर चीन की सेना की आपत्ति है जिसके बाद बीते साल सितंबर के दूसरे हफ्ते से भारतीय सेना के जवान फिंगर 4 पहाड़ी के पीछ से गुजरते हुए फिंगर 8 तक गश्त कर रहे थे, जिसका चीनी सेना द्वारा विरोध किया गया।

पैगोंग त्सो इलाके में अपनी सेवाएं दे चुके एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने बताया कि यह सामान्य बात नहीं है कि दोनों देशों द्वारा पेट्रोलिंग टीमों को रोका गया है। भारतीय सेना फिंगर 8 तक गश्त करती है और चीनी सेना फिंगर 4 तक आती है। लेकिन अब जब चीन ने भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर आपत्ति जाहिर की है तो इस तरह से चीनी सेना ने फिंगर 4 के आगे के इलाके को ब्लॉक कर दिया है और प्रभावी तौर से करीब 60 वर्ग किलोमीटर के विवादित इलाके पर अपना कंट्रोल बना लिया है।

बहरहाल सीमा विवाद शांत करने के लिए बुधवार को भी दोनों सेनाओं के बीच डिवीजनल कमांडर लेवल की बातचीत हुई है। अगली बातचीत की तारीख की अभी पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत की प्रक्रिया धीमी होगी और इसमें वक्त लगेगा।

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