जब पटना डूब रहा था रहा था तो नहीं मिला एक भी हेलीकॉप्टर, अब 15 कहां से आ गए

बिहार में मानव श्रृंखला: 15 हेलीकाप्टर से होगी मानव श्रृंखला की फोटो व वीडियोग्राफी

इस खबर को देखकर मुझे जल जमाव के कारण डूब रहा पटना याद आ गया। लोगों को घरों से निकालने के लिये हेलीकॉप्टर की मांग हो रही थी, मगर बचाव कार्य में क्रेन लगे थे। चौथे या पांचवें दिन राहत सामग्री बांटने के लिये बड़ी मुश्किल से दो हेलीकॉप्टरों का इंतजाम हो पाया था। अब जब मानव श्रृंखला की बात आई तो 15 हेलीकॉप्टर मिल गए। सीएम के निर्देश पर 12 हेलीकॉप्टर किराए पर लिए गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र कहते हैं कौन कहता है, हम उसी लोकतंत्र में हैं जो जनता के हित में फैसले लेता है? अभी जो विचार है वह राजतांत्रिक विचार नहीं है? हमारा खजाना प्रजा की मुसीबत कम करने के लिए इस्तेमाल होता है, राजाओं के सनक की पूर्ति के लिए नहीं? सवाल यह भी हैं कि क्या हम ही लोकतांत्रिक मुल्क के नागरिक हो पाए हैं, सामन्तशाही युग के गुलाम नहीं रह गए हैं? विचारिये।

जल-जीवन-हरियाली, न/शामुक्ति, दहेज व बाल विवाह उन्मूलन के समर्थन मेंबनने वाली राज्यव्यापी मानव शृंखला की फोटग्राफी-वीडियोग्राफी अबकी आसमान से होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर यह कार्य हेलीकाप्टर से कराने का निर्णय लिया गया है। फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके लिए जिम्मेवारी भी तय कर दी गयी है।

गौरतलब हो कि वर्ष 2017 में नामशुक्ति और 2018 में बाल विवाह व दहेज उन्मूलन के पक्ष में बनी बिहार की मानव शृंखलाओं ने विश्व रेकार्ड बनाया था। इन दोनों की शृंखलाओं की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी ड्रोन से करायी गयी थी लेकिन समीक्षा में यह बात सामने आयी कि ड्रोन से इस ऐतिहासिक क्षण की यादों को सहेजने की कोशिश बहुत कारगर नहीं हो सकी।

शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक डा. विनोदानंद झा ने बताया कि फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कराने का कार्य अब सूचना एवं जनस्मपर्क विभाग कराएगा। इस कार्य के लिए 12 हेलीकाप्टर राज्य सरकार किराए पर लेगी। 3 और हेलीकाप्टर राज्य में कार्यरत तीन फ्लाइंग क्लब के होंगे। इन सभी 15 हेलीकाप्टर पर सवार होकर विशेषज्ञ फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर मानव शृंखला को अपने कैमरे में कैद करेंगे।

ये फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर सिनेमा के अनुभवी लोग होंगे। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग इनका चुनाव कर इन्हें जिम्मा सौंपेगा। हेलीकाप्टरों का अलग-अलग रूट चार्ट भी बनाया जा रहा है। कोशिश होगी कि राज्य के हर इलाकों में वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर मानव शृंखला को अपने कैमरों में कैद कर सकें।

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