रांची हाईकोर्ट से जमानत के बावजूद फिर टली लालू की रिहाई, आरजेडी समर्थकों में निराशा

राजद के लिए बुरी खबर! रांची हाईकोर्ट से जमानत के बावजूद फिर टली लालू की रिहाई, आरजेडी समर्थकों में निराशा

रांची हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद लालू प्रसाद यादव की जमानत फिर टल गई है। 18 अप्रैल काे मिली जमानत की शर्तों के मुताबिक उन्‍हें जमानत का बॉन्‍ड भरना है लेकिन रविवार को हुई बार काउंसिल की बैठक में वकीलों ने खुद को दो मई तक अदालती कार्य से अलग रखने का फैसला लिया। अब लालू की जमानत का बॉन्‍ड 3 मई के पहले नहीं भरा जा सकेगा। बॉन्‍ड भरे जाने के बाद ही उनकी रिहाई संभव हो पाएगी।

गौरतलब है कि चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को बीते 18 अप्रैल को रांची हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके साथ उन्‍हें चारा घोटाला के उन तीनों मामलों में जमानत मिल गई है जिनमें वे सजायाफ्ता हैं। चारा घोटाला का डोरांडा कोषागार का एक और मुकदमा फिलहाल निचली अदालत में लंबित है। सजा पाए तीनों मामलों में जमानत मिलने के बाद उम्‍मीद थी कि वे जल्‍द ही रिहा होंगे लेकिन कोरोना वायरस का संकट सामने आ गया।

शर्तों के अनुसार लालू प्रसाद यादव को जमानत के लिए बॉन्ड भरना है। इसके लिए वकीलों का कोर्ट में जाना अनिवार्य है। इस बीच रांची हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए वकीलों के न्यायिक कार्य के लिए कोर्ट में जाने पर रोक लगा दी है। उन्‍हें केवल कोरोना से संबंधित मामलों की सुनवाई में ऑनलाइन शामिल होने की छूट दी गई है। पहले यह रोक लालू को जमानत मिलने के ठीक अगले दिन से 24 अप्रैल तक के लिए थी लेकिन रविवार को काउंसिल की बैठक में इसे एक सप्ताह तक और बढ़ा दिया गया है। अब वकील दो मई तक अदालती कार्य से दूर रहेंगे ऐसे में अब लालू यादव की जमानत का बॉन्ड 3 मई के पहले नहीं भरा जा सकेगा। 

आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने लालू को आधी सजा पूरी करने के आधार पर सशर्त जमानत  दे दी है. इस दौरान उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलके का बांड भरने को कहा गया था. साथ ही हाईकोर्ट ने ये भी कहा था कि लालू प्रसाद यादव बिना अनुमति के न तो देश छोड़कर जाएंगे और न ही मोबाइल नंबर या अपना ठिकाना

उधर लालू परिवार ने यह निर्णय लिया है कि बेल की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भी राजद सुप्रीमो फिलहाल दिल्ली में ही रहेंगे. वह अभी पटना आने की स्थिति में नहीं है. लालू परिवार के करीबी सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक परिवार के सदस्यों ने आपस में बातचीत कर यह निर्णय लिया है कि लालू यादव के स्वास्थ्य लिए फिलहाल दिल्ली एम्स ही सबसे बेस्ट जगह है, जहां उनका उपचार हो सकता है.

गौरतलब हो कि लालू कई दिनों से दिल्ली एम्स में ही भर्ती हैं और उनकी तबीयत ख़राब है. ऐसे में एक और बात निकल कर सामने आ रही है कि लालू दिल्ली से पटना आएंगे या नहीं ये सिर्फ परिवार पर ही नहीं बल्कि दिल्ली एम्स में इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम के सुझाव पर भी निर्भर करता है. अब राजद समर्थकों को ये भी देखना होगा कि बेल की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम क्या निर्णय लेती है.

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