राजद के 40 से 50 विधायक होगें जदयू में शामिल?, जदयू के नेता ने किया बड़ा दावा

टूट से बिफरा राजद, सत्ता पक्ष पर हमलावर हुआ। उसे इसी तरह का जवाब भी सुनने को मिला। जदयू और भाजपा दोनों ने इस टूट के लिए राजद नेतृत्व को जिम्मेदार बताया। कहा- यह सब राजद के चरम परिवारवाद और बेहद स्वार्थी राजनीति का नतीजा है। दोनों दलों का दावा रहा कि यह तो शुरुआत है। राजद के कई विधायक भी उससे अलग होंगे। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से कहा- राजनीति में धन अर्जन कीजिएगा, तो यही होगा। आप अनर्गल चुनौती दे रहे थे कि जदयू टूट रहा है। अब आप ही बताइए कि क्या टूटा? दल टूटा कि दिल टूटा? इधर, प्रदेश जदयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा- राजद के रेत का महल ढह रहा है।

विपक्ष के नेता के लिए 8 सदस्य जरूरी : राजद के पांच विधान पार्षदों के जदयू में जाने से यहां उसके मात्र तीन सदस्य रह गए। नियमानुसार विपक्षी दल के नेता पद के लिए कुल सदस्यों की संख्या का कम से कम दस फीसदी सदस्यता अनिवार्य है। विपक्ष के नेता के लिए न्यूनतम 8 सदस्य होने चाहिए। राजद के पास अब केवल तीन सदस्य हैं। इस बार हो रहे परिषद चुनाव में उसके तीन एमएलसी होंगे। हालांकि, इससे भी राजद विरोधी दल का नेता पद अपने पास रखने की हैसियत में नहीं रहेगा। अभी परिषद में जदयू के 20, भाजपा के 16, राजद के 3, कांग्रेस के 2, लोजपा और हम के 1-1 और 2 निर्दलीय सदस्य हैं। विधानपरिषद में 29 सदस्यों का स्थान अभी रिक्त है।

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि लालू प्रसाद की पार्टी ने कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन जैसी विषम परिस्थितियों में भी जिस निर्लज्जता के साथ सरकार के राहत कार्यों की सिर्फ आलोचना की, उस अंधी नकारात्मकता का फल है कि पार्टी के पांच विधानपरिषद सदस्यों ने राजद से नाता तोड़ लिया। एम्स में अपने बिस्तर से पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से उनका इस्तीफा भेजना जाहिर करता है कि राजद को परिवारवाद किस हद तक निगल चुका है।

जगदानंद ने कहा- जदयू ने गलत काम किया, वह विधानसभा चुनाव नहीं जीतेगी
पटना | राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा कि राजद समाजवादियों का खजाना है और जदयू बटोरुआ पार्टी है। राजद के इक्के दुक्के नेताओं के चले जाने से पार्टी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जदयू ने बहुत गलत काम किया है। इन सबके बावजूद वह विधानसभा का अगला चुनाव नहीं जीतेगी। उसका जाना तय है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू में आने वाले लोगों को हमलोग स्वागत करते हैं। आज जो लोग हमारी पार्टी में आए हैं, वे सभी अपने क्षेत्र के मजबूत नेता हैं। उनके आने से पार्टी मजबूत होगी। राजद के विधायकों के शामिल कराने के सवाल पर आरसीपी ने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। लेकिन अगर कोई आता है तो उसका स्वागत है। वैसे जो लोग जदयू को तोड़ने का दावा कर रहे थे, उनको आगे भी ऐसे दावे करते रहने चाहिए। लेकिन यह भी देखना यह होगा कि टूट कहां पर हो रही है?

संकट की घड़ी में कांग्रेस पूरी मजबूती से राजद के साथ: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. मदन मोहन झा ने 5 राजद एमएलसी के जदयू में शामिल होने पर कहा कि इस संकट की घड़ी में कांग्रेस पूरी मजबूती से राजद के साथ खड़ी है। बहुत जल्द ही विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं है। रघुवंश प्रसाद सिंह के पार्टी के इस्तीफे के सवाल पर कहा कि यह राजद का अंदरूनी मामला है।


लोकसभा में जदयू के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में राजद के विधायक जदयू के संपर्क में हैं। वैसे तो यह मीडिया के आकलन का विषय है। लेकिन, हम जानते हैं कि इस चुनाव में राजद का सूपड़ा साफ हो जाएगा। राजद में नेताओं की इज्जत नहीं होती है। इस पार्टी में किसी को सम्मान नहीं मिल सकता है। डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह को भी अपमानित किया गया। जदयू में शामिल कराने के सवाल पर कहा कि यह तो रघुवंश बाबू को तय करना है।


पटना | नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राजद के पांच विधान पार्षदों के जदयू में जाने व डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा की खबरों के बीच अपने विधायकों की एकजुटता के मसले पर बैठक की। उन्होंने कहा- डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह हमारे अभिभावक हैं। वो जल्दी से ठीक हो जाएंगे। उनसे मिल कर बात करेंगे। उन्होंने राजद को सींचा है। तेजस्वी, राज्यपाल फागू चौहान से मिले और आरक्षण मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा। नेता प्रतिपक्ष ने उनसे सत्तारुढ़ दल की कार्यशैली की शिकायत भी की। उनको बताया कि बिहार में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। सरकार, बिहार का विकास छोड़कर विरोधी पार्टियों को तोड़ने में लगी है।

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