राज्यसभा में भी मजबूत हुई BJP! कांग्रेस के मुकाबले अब दोगुने सांसद, 100 सीटों पर NDA काबिज

राज्यसभा में भी मजबूत हुई BJP! कांग्रेस के मुकाबले अब दोगुने सांसद, 100 सीटों पर NDA काबिज

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने के बाद अब राज्यसभा में भी बड़ी बढ़त हासिल की है। एक दिन पहले ही घोषित हुए राज्यसभा के द्विववर्षीय चुनाव के नतीजों के मुताबिक, अब बीजेपी के पास इस सदन में 86 सीटें हैं। यह कांग्रेस की 41 सीटों के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा हैं। इतना ही नहीं भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास अब 245 सीटों वाले इस सदन में करीब 100 सीटें हो गई हैं।

अगर इसमें भाजपा का साथ देने वाली पार्टी एआईडीएमके (9 सीट), बीजद (9 सीट), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (6 सीट) और अन्य सहयोगी पार्टी और नामित सदस्यों की संख्या को जोड़ लिया जाए, तो मोदी सरकार के पास राज्यसभा में नंबर्स को लेकर कोई खास चुनौती नहीं है।

गौरतलब है कि भाजपा ने इस राज्यसभा चुनाव के लिए अलग-अलग राज्यों में अपने बहुमत पर भरोसा दिखाया। इसके अलावा दूसरी पार्टी से बगावत करने वाले विधायकों का फायदा भी भाजपा को ही मिला है। खासकर कांग्रेस के बागी एमएलए का। ऐसे में 2014 से 2019 के बीच जिन कानूनों और नियमों को पास कराने में भाजपा को संख्याबल की कमी से जूझना पड़ता था, अब उन्हें पूरा करने के लिए पार्टी के पास पर्याप्त नंबर हैं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 61 सीटों पर द्विवर्षीय चुनाव का ऐलान किया था। इनमें 55 वो सीटें शामिल थीं, जिनपर मार्च में ही चुनाव हो जाने थे, हालांकि कोरोनावायरस महामारी के चलते इनमें देरी हुई। खास बात यह है कि इन सीटों में से 42 सांसदों का चुनाव निर्विरोध ही हो गया था। बाकी बची 19 सीटों मे से भाजपा ने 8, कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस ने 4-4 और अन्य पार्टियों ने कब्जा जमाया।

भाजपा ने अपने खाते में दो सीटें मध्य प्रदेश में हुए सरकार के बदलाव की बदौलत बढ़ाईं। मध्य प्रदेश में मार्च में ही कांग्रेस के विधायकों की बगावत के बाद सरकार गिर गई थी और भाजपा बहुमत में आ गई। इसकी बदौलत पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में मजबूती हासिल कर ली। अगर कुल आंकड़ों की बात की जाए, तो भाजपा ने इस चुनाव में 17 सीटें, कांग्रेस ने 9, नीतीश कुमार की जेडीयू ने 3, बीजद और तृणमूल कांग्रेस ने 4-4, अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने 3-3 और एनसीपी, राजद और टीआरएस ने दो-दो सीटों पर कब्जा जमाया। बाकी सीटें अन्य पार्टियों के खाते में गईं।

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