1000 पेड़ लगाओ अभियान बुधवार को, 5 को ईकों पार्क में 7 बजे अभियान का होगा शुभारंभ

PATNA (DAILY BIHAR LIVE) 5 जून को सुबह 7 बजे से हम सभी लोग पोस्टर बैनर लेकर नाक पर मास्क लगाकर मिशन 1000 वृक्ष हेतु क्लाइमट अवेयरनेस वॉक करेंगे, यह एतिहासिक वॉक बिहार विधान सभा के गेट से राजभवन होते हुए राजधानी वाटिका में ख़त्म होगा और फिर ईको पार्क में सभी लोग जमा होकर पटना के युवाओं से पूछेंगे कि वो क्लाइमेट चेंज के बारे में क्या जानते हैं और वो आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्या शपथ लेंगे क्लाइमेट एक्शन के लिए । इस अवसर पर लोगों के लिए कुछ पेड़ भी साँस के प्रतीकात्मक रूप (buy your breadth) में बिक्री हेतु उपलब्ध रहेगा ।पटना के युवा हाथ मे पौधा लेकर शपथ पथ लेंगे और चार्ट पेपर पर अपना क्लाइमेट एक्शन लिखकर sign करेंगे और अपना नंबर/email लिखेंगे ।जिनका बाद में फॉलो अप लिया जाएगा । युवाओं के इंटरव्यू का वीडियो बनाया जाएगा और उन्हें पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया जाएगा आपकी उपस्थिति अपेक्षित है । क्या आप अपने दोस्तों के साथ इस कार्यक्रम में समय दे सकेंगे ? समय सुबह 7 बजे से 10 बजे तक रखा गया है ।

MISSIION 1000 TREE PATNA

ग्लोबल वॉर्मिंग से हो रहे भयावह परिणामों को देखते हुए बिहार में कई ग़ैर-सामाजिक संगठनों ने ठोस क़दम उठाने का निर्णय लिया है । इसी कड़ी में कौशल्या फ़ाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया है मिशन एक हज़ार पेड़ । संस्था पूरे बिहार में वृक्षारोपन को बढ़ावा देने के लिए मुहिम चला रही है ।
इस अवसर पर ५ जून को सुबह ७ बजे से संस्था के कार्यकर्ता पोस्टर बैनर लेकर मिशन १००० वृक्ष हेतु क्लाइमट अवेयरनेस वॉक करेंगे, यह एतिहासिक वॉक बिहार विधान सभा के गेट से राजभवन होते हुए राजधानी वाटिका में ख़त्म होगा और फिर ईको पार्क में सभी लोग जमा होकर पटना के युवाओं से पूछेंगे कि वो क्लाइमेट चेंज के बारे में क्या जानते हैं और वो आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्या शपथ लेंगे क्लाइमेट एक्शन के लिए । इस अवसर पर लोगों के लिए कुछ पेड़ भी साँस के प्रतीकात्मक रूप में बिक्री हेतु उपलब्ध रहेगा ।पटना के युवा हाथ मे पौधा लेकर सपथ लेंगे और चार्ट पेपर पर अपना क्लाइमेट एक्शन लिखकर sign करेंगे और अपना नंबर/email लिखेंगेजिनका बाद में फॉलो अप लिया जाएगा । युवाओं के इंटरव्यू का वीडियो बनाया जाएगा और उन्हें पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया जाएगा

संस्था लोगों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक कर रही है । जलवायु परिवर्तन पर पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति और नोबेल पुरस्कार विजेता अल गोर द्वारा प्रशिक्षित कौशल्या फ़ाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक अविनाश ने बताया कि आसमान में कार्बन डाई ऑक्साईड की इतनी मोटी परत बन गयी है कि कई शहरों में अब सुबह का सूरज नहीं दिखाई देता है, बस पूरा शहर स्मॉग में क़ैद होता है ।

MISSIION 1000 TREE PATNA

अब वातावरण में हम प्रदूषण भरकर एक मोटी परत दिन ब दिन बनाते जा रहे हैं जिससे ये सूर्य से प्राप्त ऊष्मा ऊर्जा वापस नहीं हो पा रही है और पृथ्वी अभूतपूर्व दर से गर्म हो रही है । जिससे मिट्टी से नमी ख़त्म हो रही है और सूखे की घटनाओं में वृद्धि हो रही है । इस अतरिक्त ऊष्मा ऊर्जा का 90% से अधिक हिस्सा महासागरों में जा रहा है नतीजन समुद्री तूफ़ान, सुनामी, हरीकेन्‍स और साइक्‍लोन्‍स आए दिन विनाशकारी हो रहा है । यह अतिरिक्त ऊष्मा, जल चक्र में भी रुकावट पैदा करती है । समंदर के गर्म होने पर, वाष्पीकृत होने वाले जल वाष्प की मात्रा बढ़ जाती है, यह असमय अत्यधिक वर्षा कर बाढ़ की विभीषिका लाती है ।

नासा ने ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका, दोनों में बर्फ के द्रव्यमान में कमी को सटीक रूप से मापा है । और यह इस रफ़्तार से बर्फ़ का पिघलना पूरे विश्व में समुद्र स्तर में वृद्धि कर रहा है । यह समंदर के किनारे बसे शहरों के लिए आने वाले समय में प्रलयकारी होगा ।

गर्मी बढ़ने से अब चावल, मक्का तथा सोयाबीन की फसलों का उत्पादन कम होना शुरू हो गया है, कार्बन डाइऑक्साइड के उच्च स्तरों के सम्पर्क में आने से अनेक मुख्य फसलों जैसे चावल, गेहूं तथा सोयाबीन के पोषक तत्वों में भी कमी आती है, साथ ही अत्यधिक ग़र्मी में दाने पकने से पहले सूख जाता है।यह ग़र्मी कई ख़तरनाक मच्छड़ों के लिए वरदान साबित हो रहा है । उनकी प्रजनन क्षमता बढ़ रही है और अपेक्षाकृत गर्म तापमान में वायरस तेजी से अंडे देता है, और बीमारी को लंबे समय तक फैलाने में सक्षम होते हैं। पूरा ईकोसिस्टम अर्थात पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो गया है जिससे कई जीव विलुप्त होने के कगार पर हैं कुछ विलुप्त हो भी गये हैं ।State of the Global Air के रिपोर्ट के मुताबिक़ 2017 में हिंदुस्तान में 12 लाख मौत सिर्फ़ वायु प्रदूषण से हुआ है । लोग त्वचा, पेट, फेफड़ा की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं । खेत बंजर पड़ा है । अब तो पीने को भी पानी नहीं मिल रहा । मास्क लगाकर साँस ले रहे हैं । पानी ख़रीद कर पी रहे हैं और ऐसी स्थिति रही तो कल आक्सीजन भी ख़रीद कर साँस लेना पड़ेगा ।

अतः संस्था द्वारा लोगों को पेड़ लगाने और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने हेतु जागरूक किया जा रहा है । संस्था द्वारा खेत, बग़ीचा, खलिहान, सड़क किनारे आम, जामुन, पीपल, बाँस, नीम, बरगद आदि और घर के अंदर या बालकनी में गमले में लगाना हो तो एरिका पाम मतलब डेट पाम या बीटल पाम, एलोवेरा मतलब घृत-कुमारी, रबर प्लांट, स्नेक प्लांट, तुलसी का पौधा, स्पाइडर प्लांट, ब्रॉड लेडी पाम, ड्रैगन तरी आदि लगाने का सुझाव दिया गया है ।

5 जून को सुबह 7 बजे से हम सभी लोग पोस्टर बैनर लेकर नाक पर मास्क लगाकर मिशन 1000 वृक्ष हेतु क्लाइमट अवेयरनेस वॉक करेंगे, यह एतिहासिक वॉक बिहार विधान सभा के गेट से राजभवन होते हुए राजधानी वाटिका में ख़त्म होगा और फिर ईको पार्क में सभी लोग जमा होकर पटना के युवाओं से पूछेंगे कि वो क्लाइमेट चेंज के बारे में क्या जानते हैं और वो आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्या शपथ लेंगे क्लाइमेट एक्शन के लिए । इस अवसर पर लोगों के लिए कुछ पेड़ भी साँस के प्रतीकात्मक रूप (buy your breadth) में बिक्री हेतु उपलब्ध रहेगा ।

पटना के युवा हाथ मे पौधा लेकर शपथ पथ लेंगे और चार्ट पेपर पर अपना क्लाइमेट एक्शन लिखकर sign करेंगे और अपना नंबर/email लिखेंगे ।जिनका बाद में फॉलो अप लिया जाएगा । युवाओं के इंटरव्यू का वीडियो बनाया जाएगा और उन्हें पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया जाएगा । आपकी उपस्थिति अपेक्षित है । क्या आप अपने दोस्तों के साथ इस कार्यक्रम में समय दे सकेंगे ? समय सुबह 7 बजे से 10 बजे तक रखा गया है ।

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