15 जनवरी 1934 : आज ही के दिन बिहार में आया था बड़ा भूकंप, 11000 लोगों की हुई थी मौ’त

PATNA-15 जनवरी की तरीख अगर कलैंडर में नहीं होता तो एशिया में जैविक खेती का जनक पूसा आज बिहार में होता…। 15 जनवरी 1934 को हमने बहुत कुछ खो दिया। जब भीषण आपदा ने जमकर मचाई तबाही, एक साथ चली गई करीब 11 हजार लोगों की जान, 15 जनवरी 1934 को आए भूकंप ने भारत और नेपाल में भीषण तबाही मचाई थी. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.4 थी.

जब भीषण आपदा ने जमकर मचाई तबाही, एक साथ चली गई करीब 11 हजार लोगों की जान : इतिहास के पन्नों पर 15 जनवरी की तारीख भारत (India) और नेपाल (Nepal) में 1934 में आए भीषण भूकंप (Earthquake) की दुखद घटना के साथ दर्ज है. भारत के बिहार राज्य और पड़ोसी नेपाल के सीमावर्ती इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 आंकी गई थी. इस भूकंप में करीब 11,000 जानें गईं और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था.

15 जनवरी का विनाशकारी भूकंप
बता दें कि 15 जनवरी 1934 को आया भूकंप भारत और दुनिया में आए बड़े भूकंपों में से एक माना जाता है. ये भूकंप 15 जनवरी को दोपहर में 2 बजकर 13 मिनट पर आया था. धरती डोलने लगी थी. चीख-पुकार के बीच मिनटों में कई बिल्डिंगें धराशायी हो गई थीं. इस भूकंप की वजह से धरती करीब 3-4 मिनट तक हिलती रही थी.

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं. जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं और नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. फिर इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

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