PVT हास्पिटल की दादागिरी, कोरोना मरीज को थमाया 6.34 लाख का बिल, DM के कहने पर अस्पताल सील होगा

कोरोना मरीज के परिजन को कच्चा बिल देकर 634200 रुपए मनमाने तरीके से भुगतान करने के लिए दबाव बनाने और कमरा में बंद कर प्रताड़ित करने वाले जेडीएम हॉस्पिटल पर मंगलवार को कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीओ तनय सुल्तानिया ने कहा कि अस्पताल को सील भी किया जाएगा। भर्ती मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। शिफ्टिंग का कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को अस्पताल को सील कर दिया जाएगा।

मरीज के परिजनों ने अस्पताल की मनमानी के खिलाफ लिखित शिकायत डीएम कुमार रवि के कार्यालय में की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सदर एसडीओ के नेतृत्व में तीन अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई। टीम ने अस्पताल के कर्मियों और मरीज व उनके परिजनों से पूछताछ की। जांच में आरोप सही पाया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर हॉस्पिटल के एमडी, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन सहित 5 पर आईपीसी व महामारी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी है।

जिला प्रशासन मनमानी वसूली की शिकायत पर एक निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुद की कमेटी की रिपोर्ट मिलने के 20 दिनों के बाद भी प्रशासन निजी अस्पतालों में इलाज की दर क्यों तय नहीं कर सका है। एक-एक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई से लोगों को बहुत राहत नहीं मिलने वाली है। जबकि, निजी अस्पतालों द्वारा पैसा लूटे जाने की शिकायत आम सी है। सिविल सर्जन आरके चौधरी ने कहा कि कमेटी के सदस्यों में सहमति नहीं बनने के कारण दर तय नहीं हो सकी है।

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