बिहार के सीतामढ़ी से 10 साल बाद खुली आंखों से दिखा हिमालय पर्वत की चोटी

PATNA : करोना आपदा के दौरान लॉकडाउन से प्रदूषण का स्तर बिहार में भी कम हुआ है, जिसका सीधा लाभ वैसे रोगियों को मिल रहा है जो सांस की बीमारी से पीड़ित हैं या फिर हृदयरोगी है। वातावरण स्वच्छ होने से प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन मिल रहा है। लॉकडाउन के कारण उन्हें इसका लाभ मिल पा रहा है।सीतामढ़ी में लॉकडाउन की वजह से वाहनों के परिचालन पर लगी रोक के कारण आई पर्यावरण में शुद्धता के कारण सीतामढ़ी में प्रकृति की एक सुंदर और मनोरम तस्वीर सामने आई है.

कोरोना महामारी में पर्यावरण इतना स्वच्छ हो गया है, जिसके कारण खुली आंखों से हिमालय की चोटी सीतामढ़ी से दिख रही है. हिमालय की चोटी दिखाई देने की एख तस्वीर और वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि हिमालय पर्वत सीतामढ़ी से दिखने लगा है. कई लोग द्वारा कहा जा रहा है कि यह हिमालय पर्वत है तो वहीं दूसरे कई अन्य लोग नेपाल की अन्य पर्वत इसको बता रहे हैं.

सीतामढ़ी के लोग अपने ऊंचे छतों से सीधा दूसरे देश नेपाल में स्थित पहाड़ को देख रहे हैं. लोगों का कहना है कि प्रदूषण में आई कमी की वजह से नेपाल देश का पहाड़ सीतामढ़ी से सीधा दिख रहा है. सीतामढ़ी के बुजुर्गों का कहना है कि कई दशक पहले सीतामढ़ी से हिमालय पहाड़ दिखता था, क्योंकि सीतामढ़ी भारत नेपाल सीमा पर स्थितआखिरी जिला होने से नेपाल के काफी पास है. लेकिन कुछ वर्षों से हिमालय पर्वत का दिखना समाप्त हो गया था.

कोरोना महामारी के बीच हुए लॉकडाउन के कारण पर्यावरण इतना साफ हो गया है कि हिमालय पर्वत लोगों को अपने घर के छत दिखने लगा है. इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश चंद्र ने बताया कि हिमालाय की चोटी पुपरी के बलहा से खुली आंखों से दिखाई दी है. यह अपने आप में हतप्रभ करने वाला नजारा था.

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