मेवालाल सबसे अमीर, मुकेश सहनी सबसे ज्यादा कर्जदार, दोनों डिप्टी CM सहित बिहार के कई मंत्री दागी

सूबे में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई सरकार के मंत्रियों की औसत संपत्ति 3.93 करोड़ है। 14 मंत्रियों में से 6 पीएचडी यानी डॉक्टरेट। आठ ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। बिहार इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने बिहार विधानसभा 2020 में मुख्यमंत्री सहित 15 में से 14 मंत्रियों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया है। यह जानकारी 2020 बिहार विधानसभा चुनाव और विधान परिषद चुनाव के पहले उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथपत्रों पर आधारित है।

बीजेपी के एक मंत्री रामसूरत कुमार का शपथपत्र स्पष्ट नहीं रहने के कारण उनका विश्लेषण नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 14 में से 13 मंत्री यानी 93% करोड़पति हैं। सबसे अधिक संपत्ति वाले मंत्री मेवालाल चौधरी हैं। तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से आए मेवालाल चौधरी ने 12.31 करोड़ों रुपए की संपत्ति घोषित की है। सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री अशोक चौधरी हैं। बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य अशोक चौधरी के पास 72.89 लाख की संपत्ति है। आठ मंत्रियों ने अपनी देनदारी घोषित की है जिनमें से सिमरी बख्तियारपुर से मुकेश सहनी ने 1.54 करोड़ों रुपए के साथ सबसे ज्यादा देनदारी घोषित की है। 14 में से 10 यानी 71% मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की है, जबकि 4 (29%) मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता आठवीं और 12वीं के बीच घोषित की है। छह (43 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपनी आयु 41 से 50 वर्ष के बीच घोषित की है जबकि 8 (57%) मंत्रियों ने अपनी 51 से 75 वर्ष के बीच घोषित की है।

किस मंत्री के पास कितनी संपत्ति
{मेवालाल चौधरी-12 करोड़ से अधिक{मुकेश सहनी-12 करोड़ से अधिक{शीला कुमारी-6 करोड़ से अधिक{रेणु देवी-3 करोड़ से अधिक{जीवेश कुमार-3 करोड़ से अधिक{नीतीश कुमार-3 करोड़ से अधिक{संतोष सुमन-2 करोड़ से अधिक{विजेंद्र यादव-2 करोड़ से अधिक{विजय चौधरी-2 करोड़ से अधिक{अमरेंद्र सिंह-2 करोड़ से अधिक{तारकिशोर प्रसाद-1 करोड़ से अधिक{मंगल पांडेय-1 करोड़ से अधिक{डॉ.रामप्रीत-1 करोड़ से अधिक{अशोक चौधरी-72 लाख से अधिक{रामसूरत का शपथपत्र स्पष्ट नहीं

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