हड़ताल पर जाएंगे बिहार के सभी जूनियर डॉक्टर, कहा- सरकार ने हमें धोखा दिया है

PATNA : जेडीए के मुख्य मांगों में सीनियर रेजिडेंसी के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 45 वर्ष की जाए। राज्य में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से पीजी उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को तीन वर्षों की अनिवार्य सेवा देने के प्रावधान के तहत सीनियर रेजिडेंट के रूप में पदास्थापित किया जाए और इस बाबत प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए।


राज्य के सभी मेडिकल काॅलेज अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। शनिवार की शाम जूनियर डॉक्टरों की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह जानकारी जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. शंकर भारती ने दी। उन्होंने बताया कि पीएमसीएच समेत राज्य के सभी मेेडिकल काॅलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर सोमवार सुबह अाठ बजे से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर रहेंगे। डॉ. भारती ने कहा कि इसी साल 10 अप्रैल को हुई वार्ता में सरकार ने लोकसभा चुनाव के बाद सभी मांगे पूरी करने का अाश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक एेसा नहीं हुअा। जेडीए ने कहा कि 22 सिंतबर की मध्य रात्रि तक मांग पूरी नहीं हाेने पर 23 सितंबर की सुबह अाठ बजे से अनिश्चितकालिन हड़ताल शुरू हाे जाएगी।


जेडीए के मुख्य मांगों में सीनियर रेजिडेंसी के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 45 वर्ष की जाए। राज्य में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से पीजी उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को तीन वर्षों की अनिवार्य सेवा देने के प्रावधान के तहत सीनियर रेजिडेंट के रूप में पदास्थापित किया जाए और इस बाबत प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। छात्रवृति बढ़ाई जाए। अाईजीअाईएमएस की तर्ज पर पीजी छात्रों को स्टाइपेंड 50 हजार, 55 हजार, 60 हजार से बढ़ाकर 80 हजार, 85 हजार और 90 हजार किया जाए। इसके अलावा यूजी का भी स्टाइपेंड 15 हजार से बढ़ाकर 24 हजार किया जाए। मेडिकल अफसर की बहाली प्रतियोगिता परीक्षा के अधार पर की जाए।

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