बिहारी युवा वैज्ञानिक का जलवा, Chandrayaan-2 में भागलपुर के अमरदीप का है महत्वपूर्ण योगदान

PATNA : इसरो ने Chandrayaan-2 का सफल परीक्षण कर दुनिया में इतिहास रच दिया है। सफल परीक्षण को लेकर बड़े-बड़े देशों ने भारत को बधाई दी है। वहीँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो की टीम को बधाई दी है। इसरो की इस टीम में बिहार के छोटे से गांव का एक युवा वैज्ञानिक भी शामिल रहा।

बिहार के भागलपुर के छोटे से गांव पाथरोल के रहने वाले युवा वैज्ञानिक अमरदीप चंद्रयान-2 मिशन वाली टीम में शामिल रहे। उनके टीम में शामिल होने पर उनके गाँव और घर-परिवार के लोगों ने ख़ुशी व्यक्त की है। अमरदीप की इस सफलता से उनके माता-पिता समेत गांव और जिले के लोग भी गौरवान्वित हैं।


अमरदीप ने मैट्रिक की पढ़ाई अपने पैतृक गांव पाथरोल उच्च विद्यालय से वर्ष 1998 में पूरी की थी। जिसके बाद उन्होंने एएस कॉलेज सत्संग वर्ष 2000 में इंटर विज्ञान वर्ग में प्रथम श्रेणी से सफलता प्राप्त की। पटना इंजीनियरिंग के तैयारी के लिए गये। एक वर्ष की कोचिंग के बाद अमरदीप भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मिला। साल 2007 में उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की। इसी के साथ इसी साल अमरदीप ने साइंटिस्ट इंट्री टेस्ट ‘सेट’ की परीक्षा को भी सफलता पूर्वक पास किया। परीक्षा में सफलता पाने के बाद ‘इसरो’ में वैज्ञानिक के लिए चुने गए। साल 2007 से ही बतौर वैज्ञानिक अमरदीप इसरो में कार्यरत है। इस दौरान इन्हें डॉ. एपीजे अबुल कलाम आजाद, इसरो चैयरमेन डॉ. राधाकृष्णन समेत देश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों के साथ मिलने और काम करने का मौका मिला।

बता दें चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष में ले जाने वाले इसरो के सबसे भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच व्हीकल मार्च-3 के पहले चरण के प्रोजेक्ट ग्रुप में युवा वैज्ञानिक अमरदीप ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसरो में रहते हुए अमरदीप को चंद्रयान मिशन, जीएसएलवी मिशन, मार्स ऑर्बिइटल मिशन ‘ मंगल’ के अलावा चंद्रयान-2 आदि मिशन में काम करने का अक्सर मिला। अमरदीप ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब उनकी आगे की योजना गगनयान में काम करने की है।

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