अमित शाह के सामने आपस में लड़ने लगे भाजपा नेता, जमकर लगाया एक दूसरे पर आरोप, भंडाफोड़

PATNA-नड्‌डा-शाह के साथ सवा घंटे की बैठक में कई विधायकों ने कहा कि राज्य सरकार की आयोग-संस्थाओं, जिलों में एपीपी और 20 सूत्री कार्यक्रमों में सैकड़ों पद खाली हैं। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कई ने प्रशासन पर आक्रोश जताया तो कई ने जिला-प्रखंड भाजपा संगठन में आपसी खींचतान की शिकायत की। सांसद प्रदीप सिंह, विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, पवन जायसवाल, हरि भूषण ठाकुर बचौल, रामप्रवेश राय, अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि जिलों में स्थानीय प्रशासन भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते।

मंत्री तक की नहीं सुनी जाती। विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू ने बाढ ग्रामीण जिलाध्यक्ष पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया तो मंत्री रामसूरत राय के विभाग में रद्द ट्रांसफरों को राज्य सरकार का एकतरफा फैसला बताया गया। विधायक मिश्री लाल यादव ने दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर के खिलाफ शिकायत की तो विधायक मुरारी मोहन झा ने मिश्री लाल यादव के मुखिया बेटे के कृत्यों पर नाराजगी जतायी। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मिश्रा लाल यादव को झिड़कते हुए कहा की आपने खुद बूथ सशक्तीकरण अभियान में काम नहीं किया।

शाह की नसीहत-रोने वाले नेता पर जनता विश्वास नहीं करती
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रशासन और संगठन दोनों स्तर पर शिकायत करने वाले विधायकों-विधानपार्षदों और सांसदों को स्पष्ट कहा कि प्राब्लम सॉल्वर बनिये। रोने वाले नेता पर जनता विश्वास नहीं करती है। जनता के बीच केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को सकारात्मक तरीके से बताइये। वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव मजबूती से जदयू के साथ मिलकर लड़ना है। उन्होंने अग्निपथ योजना के विरोध पर कहा कि देश स्तर पर दो-तीन दिन विरोध करने वालों की पहचान से स्पष्ट हो गया कि किस तरह एंटी नेशनल फोर्स देश में सक्रिय है।

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