अभी-अभी : BPSC पर्चा लीक मामले में आरा के बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता हुए गिरफ्तार

आरा के बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता की अरेस्टिंग हुई है. BPSC पेपर लीक मामलें में इनकी भूमिका बताई जा रही है. जयवर्धन जी जिस परीक्षा केंद्र पर बतौर मजिस्ट्रेट तैनात थे, उस केंद्र पर निर्धारित समय से घंटे भर पहले से परीक्षा हो रही थी. इसके अलावा उन परीक्षार्थियों पर विशेष नज़र है, जो आरा के निवासी होने के साथ उनका परीक्षा सेंटर आरा में रहा. बिहार प्रशासन BPSC पेपर लीक मामलें में बड़हरा BDO जयवर्धन गुप्ता की अरेस्टिंग कर खानापूर्ति करने में लगा है. जबकि BDO साहब इस पूरे घपले के सबसे छोटे लाभार्थियों में होंगे या नही, कहा नही जा सकता है. यह स्कैम आयोग के शेयरमैन, मंत्री और राज्य के बड़े बाबुओं के बिना संभव नही होगा. यह जानना जरूरी है कि एडमिट कार्ड जारी करते हुए कुछ पुरुष परीक्षार्थियों को उनके गृह जिले में ही सेंटर कैसे मिल गया. सेंटर निर्धारित करना तो BDO साहब का काम नही है. पटना बैठे आयोग के लोग ही यह काम किये होंगे. यही नही आरा के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर मोटरसाइकिल से प्रश्न पत्र पहुँचाया गया. जबकि प्रश्न पत्र पहुचाने के लिए गाड़ी और उसके सुरक्षा के समुचित प्रबंध होते हैं. उसका पालन कैसे नही हुआ.

जिस कॉलेज की मान्यता रद्द उसे BPSC ने सेंटर बनाया:कुंवर सिंह कॉलेज पर 2017 में बैन लगा; फिर मेहरबानी किसकी? BPSC 67वीं पीटी की परीक्षा के पेपर आउट होने के पीछे आयोग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस बार ऐसे कॉलेज में सेंटर बना दिया, जिसे 5 साल पहले ही किसी भी परीक्षा के लिए बैन कर दिया गया था। ऐसे में सवालों के घेरे में आयोग के अफसर आ गए हैं। मामला भोजपुर के कुंवर सिंह कॉलेज को सेंटर बनाने का है।

दरअसल, 5 साल पहले ही 2017 में ही कुंवर सिंह कॉलेज में सेंटर बनाने पर बैन कर दिया गया था। दो साल बाद 2019 में कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी की ओर से इसकी मान्यता भी रद्द कर दी गई थी। इसके बावजूद कुंवर सिंह कॉलेज में आयोग की ओर से 67वीं पीटी परीक्षा का सेंटर बना दिया गया।

इसलिए बैन किया गया था
2017 में स्नातक पार्ट टू की परीक्षा में परीक्षार्थियों को बरामदे में बिठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। इसका वीडियो भी सामने आया था। मामला संज्ञान में आने के बाद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज में सेंटर देना बंद कर दिया था। उस समय कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक सिद्धेश्वर सिंह थे। उन्होंने दैनिक भास्कर से बताया कि कॉलेज से कई बार छात्रों ने इस दागी कॉलेज में एडमिशन के नाम पर धांधली को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद ही बैन किया गया था। फिर 2019 में मान्यता भी रद्द कर दी गई थी।

जिस कॉलेज की मान्यता रद्द उसे BPSC ने सेंटर बनाया:कुंवर सिंह कॉलेज पर 2017 में बैन लगा; फिर मेहरबानी किसकी?

भोजपुर5 घंटे पहले
BPSC 67वीं पीटी की परीक्षा के पेपर आउट होने के पीछे आयोग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस बार ऐसे कॉलेज में सेंटर बना दिया, जिसे 5 साल पहले ही किसी भी परीक्षा के लिए बैन कर दिया गया था। ऐसे में सवालों के घेरे में आयोग के अफसर आ गए हैं। मामला भोजपुर के कुंवर सिंह कॉलेज को सेंटर बनाने का है।

दरअसल, 5 साल पहले ही 2017 में ही कुंवर सिंह कॉलेज में सेंटर बनाने पर बैन कर दिया गया था। दो साल बाद 2019 में कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी की ओर से इसकी मान्यता भी रद्द कर दी गई थी। इसके बावजूद कुंवर सिंह कॉलेज में आयोग की ओर से 67वीं पीटी परीक्षा का सेंटर बना दिया गया।


इसलिए बैन किया गया था
2017 में स्नातक पार्ट टू की परीक्षा में परीक्षार्थियों को बरामदे में बिठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। इसका वीडियो भी सामने आया था। मामला संज्ञान में आने के बाद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज में सेंटर देना बंद कर दिया था। उस समय कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक सिद्धेश्वर सिंह थे। उन्होंने दैनिक भास्कर से बताया कि कॉलेज से कई बार छात्रों ने इस दागी कॉलेज में एडमिशन के नाम पर धांधली को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद ही बैन किया गया था। फिर 2019 में मान्यता भी रद्द कर दी गई थी।

कुंवर सिंह कॉलेज 5 साल पहले भी कदाचार को लेकर विवादों में रहा है।

5 साल बाद भी कदाचार
बैन होने के बावजूद आयोग की ओर से 67वीं बीपीएससी परीक्षा का सेंटर बना दिया गया। रविवार को पीटी परीक्षा के दौरान भी कुंवर सिंह कॉलेज में हंगामा हुआ। परीक्षार्थियों ने ही बवाल काटा। दरअसल, उम्मीदवारों ने परीक्षा पत्र में हुई देरी और दो कमरे को बंद करके परीक्षा लेने के मामले को लेकर हंगामा किया। अलग से दो कमरे में परीक्षा लिए जाने का वीडियो भी सामने आ गया था। इसके बाद विवाद और भी बढ़ गया।

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