नाबालिग को बंदूक चलाना सीखा रहे हैं JDU के पूर्व विधायक, वीडियो हुआ वायरल, एफआईआर दर्ज

जदयू के पूर्व विधायक विजेंद्र यादव के खिलाफ भोजपुर जिले के गड़हनी में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही उनके लाइसेंसी बंदूक को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। जल्द ही भोजपुर पुलिस पूर्व विधायक के ऊपर भी अपना शिकंजा कस सकती है। दरअसल, यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है। पूर्व विधायक का एक वीडियो भोजपुर सहित पूरे बिहार में वायरल हो गया है।

नाबालिग को बंदूक चलाना सीखा रहे पूर्व विधायक
वायरल वीडियो में पूर्व विधायक एक नाबालिग लड़के को बंदूक से गोली चलाना सीखा रहे हैं। नाबालिग लड़का वीडियो में ही गोली बंदूक के अंदर भर रहा है और घनी आबादी वाले इलाके में हवाई फायरिंग कर रहा है। जिस वक्त यह सबकुछ हो रहा था, मौके पर मौजूद किसी शख्स ने अपने मोबाइल से न सिर्फ इस वीडियो को बनाया, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। यह वीडियो कब का है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है। मगर, इसके सामने आने के बाद से हड़कंप जरूर मच गया है। अब इस मामले में भोजपुर एसपी हर किशोर राय के आदेश पर कार्रवाई हो गई है।

पूर्व विधायक विजेंद्र यादव जदयू के टिकट पर संदेश से इस बार के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार भी थे। वीडियो में विधायक लुंगी और गंजी पहने हुए नाबालिग लड़के के पीछे खड़े हैं। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने भी इस मामले में कार्रवाई की है और पूर्व विधायक को अपना लाइसेंसी हथियार जमा करने का आदेश दिया है। वहीं, अपनी सफाई पेश करते हुए पूर्व विधायक ने कहा है कि वो सरकारी आदेश का पालन करेंगे। विजेंद्र यादव पहले राष्ट्रीय जनता दल में थे।

मुजफ्फरपुर के पान दुकानदार का राइफल वाला वीडियो भी वायरल
इस घटना से पहले मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में पान दुकानदार राइफल और गोली लेकर गांव के बच्चों को पढ़ा रहा था। एक हाथ में राइफल लेकर वो दूसरे हाथ में मोबाइल से खुद से उसने वीडियो बनाया था। वीडियो के जरिए वो खुद का प्रमोशन करना चाहता था। डीएसपी रामनरेश पासवान ने थानेदार भागीरथ प्रसाद से इस पूरे मामले की जांच कराई है। रिपोर्ट आने के बाद पान दुकानदार के उपर कार्रवाई भी हो सकती है। उसके पास हथियार कहां से आया? इसका पता लगाया जा रहा है।

मनोवैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि बच्चे 18 वर्ष से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से अपरिपक्व होता है। हथियार देखकर बच्चे के अंदर असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है। इसका उसके दिमाग पर काफी गहरा असर पड़ता है। बच्चा असामाजिक व्यवहार भी सीख सकता है। अनुशासनहीनता का व्यवहार भी उसके अंदर बढ़ सकता है। बच्चे इससे गलत सीख भी ले सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है बच्चे के अंदर हथियार के इस्तेमाल के प्रति जिज्ञासा भी जागे और वह इसका इस्तेमाल करने की भी कोशिश करे।

डॉ. मनोज कुमार के अनुसार बेवजह हथियार का प्रदर्शन करने वाले लोग ‘मैंगलोमेनिया’ नामक रोग से ग्रसित होते हैं। ऐसे लोगों को मैंगलोमेनिक कहते हैं। इन्हें नियम-कानून तोड़ने की बीमारी होती है। यह एक मनो-सामाजिक समस्या है। बिहार में हो रहे अपराध के तरीकों का अगर अध्ययन करें तो अपराधियों में 4 प्रतिशत मैंगलोमेनिक ही मिलेंगे। ऐसे लोग मामूली विवाद में हथियार दिखाना, हर्ष फायरिंग करना, बिना किसी बात के भी सामने वाले को बंदूक दिखाना, हथियार के साथ सोशल मीडिया पर फोटो या वीडियो अपलोड करना आदि हरकतें करते हैं।

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