तू लगावेलु जब लिपिस्टक…पर आयुष्मान खुराना ने किया जमकर डांस, कहा- एक बिहारी सब पर भारी

दैनिक भास्कर उत्सव में पटना पहुंचे बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना ने सुपरहिट भोजपुरी सॉन्ग ‘लगावेलु जब लिपिस्टक…’ पर डांस किया तो बापू सभागार में बैठे सभी लोग झूमने लगे। फैंस की डिमांड पर आयुष्मान ने पानी दा रंग वेख के और ‘ये दिल बेकरार कितना ये हम नहीं जानते…गाया’। दैनिक भास्कर के मंच पर आयुष्मान ने जिंदगी के अनछुए पहलुओं को साझा किया। आयुष्मान ने कहा कि लोग घर से भागकर एक्टर बनते हैं। मुझे घर से भगाया गया तब जाकर यहां तक पहुंचा हूं। तीन शब्द में खुद को डिफाइन करने के सवाल पर आयुष्मान ने कहा “आई एम स्वीट, सिंपल एंड सेक्सी”।

21 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ के बारे में आयुष्मान ने कहा कि ये एक फैमिली एंटरटेनिंग फिल्म है। होमो सेक्सुअलिटी पर बनी ये फिल्म समाज को संदेश देती है। हमारी सोसाइटी तरह-तरह के लोगों से भरी है और हमें सभी को स्वीकार करना होगा। ये फिल्म पंद्रह या बीस साल पहली बनाई जाती तो लोग इसे स्वीकार नहीं करते। लेकिन, देश अब प्रोग्रेसिव हो चुका है। फिल्म के जरिए समाज में बातचीत शुरू होगी।

फिल्म में किसिंग सीन पर आयुष्मान ने कहा कि सीन ऑरिजिनल है। हमें परफेक्ट करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। कैरेक्टर को अगर शिद्दत से निभाया जाए तभी लोग उसे पसंद करते हैं। आयुष्मान ने बताया कि मैं हमेशा ट्रैवल करता रहता हूं और लोगों को समझने की कोशिश करता हूं। ऐसे मुद्दे तलाशने की कोशिश करता हूं जो समाज के अंदर दबे हुए हैं और उसी पर फिल्म बनाने का प्रयास करता हूं।

युवाओं के बीच आयुष्मान की गजब की दीवानगी दिखी। निशा नाम की एक लड़की गुलाब लिए स्टेज पर पहुंच गई और जमीन पर घुटने के बल बैठकर आयुष्मान को प्रपोज किया। निशा को ऐसा करते देख आयुष्मान बैठ गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि किसी भी लड़की को लड़के के सामने नहीं झुकना चाहिए। लड़कों को झुकना चाहिए। इसके बाद आयुष्मान ने घुटने के बल बैठकर निशा को गुलाब दिया। आयुष्मान ने निशा के साथ डांस भी किया।

आयुष्मान ने बताया कि 15 साल पहले रोडीज के लिए पटना आया था और आज जो देखा उससे लगता है कि ये शहर पूरा बदल चुका है। दो शब्द में कहूं तो पटना सर्वगुण संपन्न हो गया है। ऐसा शहर जिसमें छोटे और बड़े शहरों की खूबियां साथ है। मैं पत्रकारिता की पढ़ाई की है। बचपन से ही दैनिक भास्कर पढ़ता रहा हूं। आज मेरी हिंदी अच्छी तो इसका श्रेय दैनिक भास्कर को जाता है। इंडस्ट्री में बहुत कम ऐसे एक्टर हैं जिनकी हिंदी अच्छी है और वे हिंदी में सोचते हों।

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