बाल विवाह को लेकर CM नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, बैंड-बाजे वालों के संग बाराती भी जाएंगे जेल

बाल विवाह में बैंड-बाजे वालों संग बाराती भी जाएंगे जेल

यदि आप विवाह में पूजा-पाठ कराते हैं, बैंड-बाजा या कुर्सी-पंडाल के कारोबार से जुड़े हैं तो सावधान हो जाइए। कहीं भी विवाह में बैंड-बाजा या टेंट की बुकिंग करते समय जानकारी ले लें कि लड़की नाबालिग तो नहीं है। बाराती के तौर पर आप जा रहे हैं तो इसका भी ख्याल रखें कि यह बाल विवाह या दहेज से जुड़ा मामला तो नहीं है।

यह आपके लिए मुसीबत बन सकता है। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन कानून को प्रदेश में सख्ती से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने सभी डीएम और एसडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। इसी के मद्देनजर शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुखियों की ट्रेनिंग दी गई। मुखिया इस कार्य के रजिस्ट्रार बनाए गए हैं।

ग्राम पंचायातों में विवाह का पंजीकरण मुखियों के माध्यम से करने की व्यवस्था की गई है। इसीलिए मुखियों को बाल विवाह और दहेज की लेन-देन रोकने के अभियान का हिस्सा बनाया गया है। प्रत्येक विवाह का पंजीकरण पंचायत में ही हो, इसका अलग से रेकॉर्ड बनाया जाएगा। यदि किसी पंचायत में बाल विवाह या दहेज का मामला पकड़ा गया या प्रकाश में आता है तो इसका भी रेकॉर्ड मुखियों के पास होगा।

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