माँ ने बकरी चराकार बेटे को बना दिया IAS अफसर, प्रतिभा देख टीचर ने उठाया पढ़ाई का पूरा खर्चा

मां ने पाली बकरी, टीचर ने उठाया पढ़ाई का खर्चा, IITian बेटा ऐसे बना IAS : कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता है बस शर्ते ये की आप वो काम अपनी पूरी लगन और मेहनत से करें. अपने पुरे मेहनत और लगन से कठिन से कठिन मंजिल को हासिल किया जा सकता है. और ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले आईएएस विशाल ने. देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाले यूपीएससी में सफलता प्राप्त करके विशाल ने साबित कर दिया की मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है. हर साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में लाखों कैंडिडेट्स भाग लेते हैं लेकिन उनमे से कुछ ही उसे क्रैक कर पाते हैं.

आज हम बात करेंगे आईएएस विशाल के बारे में जो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड स्थित गांव मकसूदपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2021 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 484वां स्थान हासिल किया और लोगों के लिए मिसाल बन गए. विशाल की ये जर्नी हर युवा को प्रेरित करने वाली है कि कैसे एक बेहद गरीब परिवार का लड़का देश के सबसे कठिन परीक्षा को पास करके एक चर्चा का विषय बन गया.

अपनी कामयाबी से चर्चा में आने वाले विशाल बेहद गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता की मौत साल 2008 में हो गई थी. फिर परिवार में सिर्फ वो ही थे जो मजदूरी करके अपने घर का खर्चा चलते थे और पालन-पोषण करते थे. पिता के मौत के बाद घर के हालात काफी खराब हो गए थे. इसके बाद विशाल की मां रीना देवी ने बकरी और भैंस पालकर अपने परिवार को संभाला.

पिता कहते थे बेटा बड़ा आदमी बनेगा

विशाल बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत तेज थे. उनके पिता बिकाऊ प्रसाद हमेशा कहा करते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा. अपने पिता के मृत्यु के ठीक तीन साल बाद 2011 में विशाल ने मैट्रिक टॉप किया था. इसके बाद साल 2013 में आईआईटी कानपुर में बीटेक के लिए प्रवेश लिया. बीटेक पूरा करने के बाद निजी क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी में उनकी जॉब लग गई.

अपनी कामयाबी से चर्चा में आने वाले विशाल बेहद गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता की मौत साल 2008 में हो गई थी. फिर परिवार में सिर्फ वो ही थे जो मजदूरी करके अपने घर का खर्चा चलते थे और पालन-पोषण करते थे. पिता के मौत के बाद घर के हालात काफी खराब हो गए थे. इसके बाद विशाल की मां रीना देवी ने बकरी और भैंस पालकर अपने परिवार को संभाला.

पिता कहते थे बेटा बड़ा आदमी बनेगा

विशाल बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत तेज थे. उनके पिता बिकाऊ प्रसाद हमेशा कहा करते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा. अपने पिता के मृत्यु के ठीक तीन साल बाद 2011 में विशाल ने मैट्रिक टॉप किया था. इसके बाद साल 2013 में आईआईटी कानपुर में बीटेक के लिए प्रवेश लिया. बीटेक पूरा करने के बाद निजी क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी में उनकी जॉब लग गई.

डेली बिहार न्यूज फेसबुक ग्रुप को ज्वाइन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें….DAILY BIHAR  आप हमे फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और WHATTSUP,YOUTUBE पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *