चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष दलों को झटका, चुनाव आयोग ने मांग को नकारा

चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष दलों को झटका, चुनाव आयोग ने मांग को नकारा
चुनाव आयोग ने वोटिंग मतगणना से पहले कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को झटका दिया है। निर्वाचन आयोग ने विपक्षी दलों की मांग को ठुकराते हुए साफ कहा कि वोटिंग प्रणाली में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जएगा। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से कहा था की पहले हरेक विधान सभा के पांच ईवीएम और वीवीपैट का मिलान हो। अगर इनमें गड़बड़ियां पाई जाती है तो शत प्रतिशत वीवीपैट से चुनाव परिणाम की गिनती हो।

इससे पहले, मतगणना में 100 फ़ीसदी वीवीपीएटी पर्चियों के मिलान की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने ही चुनाव आयोग से पांच बूथों पर पर्चियों के मिलान का आदेश दिया था। बीजेपी छोड़ कर हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए दलित नेता उदित राज ने ट्वीट कर कहा, “सुप्रीम कोर्ट नहीं चाहता है कि वीवीपीएटी की सारी पर्चियों का मिलान किया जाए। क्या वो भी धांधली में शामिल है।” गौरतलब है कि एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी एक बयान जारी कर ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि इनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी चुनाव आयोग की है।

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कार्यकर्ताओं से अगले 24 घंटे सतर्क रहने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा है, “जब एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम की आवाजाही पर चिंता व्यक्त की है तो हम सभी को चिंता करनी चाहिए। इसीलिए वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान ज़रूरी है।”

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