बेर तोड़ने पर 7 साल की बच्ची को पड़ोसी ने कुएं में फेंका, 2 द‍िन तक तड़पती रही मासूम

कानपुर के बिल्हौर में एक 7 वर्षीय बच्ची के साथ जल्लाद बने पड़ोसी की क्रूरता का शर्मनाक कारनामा सामने आया है. 7 वर्षीय बच्ची 2 दिन पहले पड़ोसी के खेत में बेर तोड़ने गई थी. पड़ोसी सत्यम ने मना किया कि बेर मत तोड़ो. पर मासूम बच्ची को बेर पंसद थे इसलिए फिर भी उसने मना करने पर बेर तोड़ लिए. इससे नाराज सत्यम ने बच्ची को पहले मारा फिर उसको वहीं बने एक सूखे अंधे कुएं में फेंक दिया. वहीं, दूसरी तरफ बच्ची के पिता और गांव वाले पुलिस के साथ 2 दिन तक बच्ची को ढूंढ़ते रहे. जब मामले का खुलासा हुआ तो लोगों के होश उड़ गए.

ये मामला कानपुर के बिल्हौर का है. जहां लगभग 20 फीट गहरे अंधेरे कुएं में मासूम दो दिन तक रोती, चिल्लाती पड़ी रही. उसे भूख भी लगी होगी और प्यास भी लगी होगी लेकिन उसे कोई न सुनने वाला था, न ही मासूम की आवाज दूर तक पहुंच रही थी. इस दर्दनाक एहसास में बच्ची दो दिन तक बिलखती रही.

बताया जा रहा है कि मासूम बच्ची रविवार को बेर तोड़ने के लिए सत्यम के बगीचे में चली गई थी. सत्यम इससे इतना नाराज हुआ कि उसने पहले मासूम को मारा फिर गहरे कुएं में फेंक दिया. इतना ही नहीं उसने कुएं के ऊपर लकड़ी का पटरा रखकर उसको ढक भी दिया. यही नहीं, आरोपी  सत्यम इतना चालाक निकला कि वह बच्ची को फेंकने के बाद पुलिस और घरवालों के साथ बच्ची को खोजने में लगा रहा. दो दिन तक पुलिस ने गांव के घर-घर की तलाशी ली.

सत्यम भी पुलिस और घरवालों के साथ बच्ची को खोजने में लगा रहा लेकिन बच्ची के बारे में भनक नहीं लगने दी. 2 दिन तक बच्ची भूखी प्यासी गहरे कुएं में तड़पती रही. ये कुआ कई सालों से सूखा था. सत्यम ने जल्लाद की तरह बच्ची को फेंकने के बाद कुएं को पटरा से बंद कर दिया. इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ लेकिन जब 2 दिन तक बच्ची नहीं मिली तो मंगलवार को पुलिस की निगाह कुएं पर गई. एक पुलिसकर्मी ने कुएं का पटरा हटाकर एक कंकण फेंके तो नीचे से बच्ची के रोने की आवाज आई. बस इसके बाद तुरंत एक सिपाही ने कुएं में नीचे जाकर रस्सी से बच्ची को बाहर निकाला. इस दौरान काफी लोग मौजूद थे. 

कुएं में फेंकने से उसके हाथ पैरों में चोट लगी थी इसलिए उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने आरोपी सत्यम के खिलाफ 307 के साथ पॉक्सो का केस भी दर्ज किया है. साथ ही सत्यम को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में सबसे दर्दनाक पहलू ये है कि मासूम बच्ची दो दिन तक रात दिन कुएं में अकेले रोती-चिल्लाती रही. लोगों का कहना है कि इस दौरान वह किस दौर से गुजरी होगी इसका एहसास करके रूह कांप जाती है. वहीं, पुलिस ने पॉक्सो में केस दर्ज करके छेड़छाड़ की संभावना पर भी जांच शुरू की है. हालांकि, बच्ची ने इसका आरोप नहीं लगाया है लेकिन सत्यम की गांव में छवि अच्छी नहीं है. इसलिए इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है. 

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