मुम्बई से मुजफ्फरपुर आकर भावुक हुए प्रवासी मजदूर, धरती मां को चूमा, कहा-अब कभी नहीं जाएंगे बाहर

अपनी मिट्‌टी: मुंबई से मुजफ्फरपुर स्टेशन पर पहुंचते ही प्रवासियों ने धरती को चूमा

बेंगलूरु/पटना|रीयल स्टेट और निर्माण क्षेत्र के दिग्गजों संग बैठक के बाद प्रवासी मजदूरों की घर वापसी से इनकार करने वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस यदुरप्पा अब उन्हें भेजने को राजी हो गए है। उम्मीद है कि शुक्रवार को वहां से बिहार, यूपी और झारखंड के लिए ट्रेनें खुलेंगी।

नागपुर से आए प्रवासी श्रमिकों ने गुरुवार काे ट्रेन से उतरने के बाद जंक्शन पर ही अपनी मातृभूमि को साष्टांग प्रणाम कर इसकी मिट्टी का तिलक लगाया। स्पेशल ट्रेन से उतरने पर इनकी स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद इन्हें क्वारेंटाइन हाेने के लिए बस से संबंधित जगहाें पर भेजा जाना था। लेकिन, बस में जाने से पहले इन श्रमिकों ने जब अपनी धरती काे साष्टांग प्रणाम किया ताे अधिकारी व सुरक्षाकर्मियाें समेत वहां उपस्थित लाेगाें की अांखें भर अाईं। इन श्रमिकाें ने कहा कि अपने घर ूअाैर गांव-जवार इलाके में अाने के बाद एेसा लग रहा है जैसे सब कुछ मिल गया। लाॅकडाउन के बाद ताे सबसे ज्यादा इसी की इच्छा थी। लेकिन, ऊपरवाले, सरकार व मीडिया के शुक्रगुजार हैं कि अपने परिजन अाैर समाज के लोगों से मुलाकात होगी।

दिल्ली से बिहार के लिए आज खुलेगी पहली ट्रेन, मजदूरों का खर्चा उठाएगी केजरीवाल सरकार : दिल्ली में फंसे बिहार (Bihar) के प्रवासी मजदूरों के लिए इंडियन रेलवे (Indian Railways) ने पहली ट्रेन चलाने का फैसला कर लिया है. इंडियन रेलवे शुक्रवार को बिहार के लिए पहली ट्रेन रवाना करने जा रही है. दोपहर 3 बजे यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन (Shramik Special Trains) होगी रवाना. दिल्ली के अलग-अलग रैन बसेरों में रह रहे बिहार के तकरीबन 1200 प्रवासी शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होंगे.

शुक्रवार को पहली ट्रेन मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होगी : खास बात यह है कि इनका दिल्ली से बिहार तक जाने का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी. गुरुवार शाम को ही दिल्ली से मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए पहला श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना हुई है. रेल मंत्रालय अब तक लगभग 100 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को रवाना कर चुकी है. अगले कुछ ही दिनों में इंडियन रेलवे इस तरह की 300 और ट्रेनें को चलाने जा रही है.

देश में लॉकडाउन (Lockdown) 17 मई तक बढ़ने के साथ ही दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस भेजने की प्रक्रिया पिछले दिनों शुरू हो गई थी. इसके लिए कई राज्य सरकारों ने बाहर फंसे अपने लोगों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए. ये नोडल अधिकारी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था देख रहे हैं.

दिल्ली सरकार खर्चा उठाएगी : ऐसे में दिल्ली सरकार ने भी अपने यहां 10 नोडल अधिकारियों की एक टीम बनाई है, जो देश के अलग-अलग राज्यों के साथ कॉर्डिनेशन का काम कर रहे हैं. इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर के लाखों प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने में बड़ी चुनौती पेश आ रही है. खास तौर पर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य सरकारों ने अभी तक दिल्ली-एनसीआर में फंसे लोगों को घर वापसी को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, लेकिन गुरुवार को बिहार के लिए एक ट्रेन रवाना होने के बाद लाखों प्रवासी मजदूरों के मन में घर जाने की उम्मीद जाग उठी है.

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