एक सेकेंड में कोरोना जांच, खर्चा मात्र 100 रूपया, बिहार में डिजिटल एक्सरे से जांच शुरू

डिजिटल एक्स-रे सॉफ्टवेयर से एक सेकेंड में ही पता चल जाएगा कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है या नहीं, खर्च होंगे मात्र 100 रुपए
ट्रिपल आईटी भागलपुर के कोरोना जांच के डिजिटल एक्सरे सॉफ्टवेयर काे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) एक-दो दिन में अपनी स्वीकृति दे सकता है। इसके बाद 100 रुपए खर्च कर एक सेकेंड में काेराेना की जांच हो सकेगी। दूसरी ओर, एमएचआरडी ने भी सॉफ्टवेयर की सराहना की है और निदेशक प्रो. अरविंद चौबे तथा उनकी टीम को बधाई दी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एमएचआरडी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए लिखा है कि इससे सेकेंडभर में 100 रुपए के अंदर काेराेना की जांच हो सकेगी। सबसे खास यह है कि सॉफ्टवेयर पता कर सकता है कि मरीज कोरोना संक्रमित है या सामान्य सर्दी-जुकाम से पीड़ित है। इस समय यह सॉफ्टवेयर इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सीजनल सर्दी-खांसी काे भी लाेग काेराेना समझ रहे हैं और जांच के लिए सैंपल दे रहे हैं।

ट्रिपल आईटी के निदेशक बोले- ट्रायल सफल, सर्टिफिकेट मिलते ही शुरू हाेगी जांच
ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर की जानकारी एमएचआरडी को दी थी। मंत्रालय ने प्रोजेक्ट को पसंद किया है। सॉफ्टवेयर की रिपोर्ट आईसीएमआर को भी भेजी गई थी। आईसीएमआर ने बीते गुरुवार को इसमें कुछ सुधार करने को कहा था। सुधार कर इसे दोबारा भेजा गया है। वहां से कहा गया कि एक-दो दिन में प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। प्रो. चौबे ने कहा कि प्रमाणपत्र मिलने के बाद यह सॉफ्टवेयर कहीं भी कोरोना की जांच के लिए अधिकृत हो जाएगा।

पेटेंट के लिए आवेदन: ट्रिपल आईटी ने यह सॉफ्टवेयर इसी वर्ष मई में तैयार किया था। प्रो. चौबे ने बताया कि डिजिटल एक्सरे यानी एक्सरे की साॅफ्ट काॅपी मिलने पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से काेराेना का पता चल जाएगा। संस्थान ने इसके पेटेंट का आवेदन दे दिया है।

हाे चुका है परीक्षण: ट्रिपल आईटी ने कनाडा के काेराेना मरीज का डाटा बेस लेकर इसे मई में तैयार किया था। स्वास्थ्य विभाग और एमएचआरडी को रिपोर्ट भेजे जाने से पहले ट्रिपल आईटी ने इसका परीक्षण मेडिकल काॅलेज अस्पताल में किया था।

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