बिहार में दिख रहा बाढ़ का विकराल रूप, खतरे के निशान से उपर बह रही है कोसी और बागमती

कोसी बराज पर 12 घंटे में बढ़ गया 56 हजार क्यूसेक पानी. दस नदियां अभी भी लाल निशान के पार

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद बिहार की कई नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। बूढ़ी गंडक समस्तीपुर में खतरे के निशान से 2.57 मीटर ऊपर, जबकि कोसी खगड़िया में खतरे के निशान से 2.10 मीटर ऊपर पहुंच गयी है। यही नहीं बागमती सीतामढ़ी और दरभंगा में दो मीटर ऊपर बह रही है। गंगा कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

कोसी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के बाद इसका जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वीरपुर बराज पर मात्र 12 घंटे में इसके पानी में 56 हजार क्यूसेक की बढ़ोत्तरी हो गयी। बराज पर देर शाम पानी की मात्रा 1.82 लाख क्यूसेक से बढ़कर 2.38 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। हालांकि, गंडक का जल वाल्मीकिनगर बराज पर 2.18 लाख क्यूसेक से बढ़कर 2.30 लाख क्यूसेक पर पहुंचा था।

उधर, बागमती व अधवारा सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में जबकि कोसी सहरसा, खगड़िया व भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर है। बूढ़ी गंडक मुजफ्फरपुर, खगड़िया और समस्तीपुर में जबकि महानंदा किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में लाल निशान के ऊपर है। इसी तरह गंडक गोपालगंज में, खिरोई दरभंगा में, खांडो सुपौल में, कमला बलान मधुबनी में लगातार खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है।

कोसी ने फिर तरेरीं आंखें पानी का डिस्चार्ज बढ़ा : कोसी का डिस्चार्ज भी थोड़ा बढ़ा है। बराह क्षेत्र में 1.88 लाख घनसेक और बराज पर 2.35 लाख घनसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बालतारा में लाल निशान से लगभ पौने दो मीटर से अधिक ऊपर चला गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार को सभी जगहों पर गिरा है।

युद्धस्तर पर चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्य : आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रुडु ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों में 808 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं। यहां रोज 4.19 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। 26 राहत शिविर लगाए गए हैं।

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