बाढ़ को लेकर बिहार सरकार का ऐलान, कहा-सात दिनों में बनेंगी टूटी सड़के

पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा है कि राज्य में बाढ़ के कारण जहां भी सड़कें टूटी हैं, उनको सात दिनों के अंदर बना दिया जाएगा। बाढ़ के कारण जहां पुल है| बनाया जाएगा। मंत्री ने मंगलवार को विधान परिषद 5 में विभागवार बजट चर्चा के बाद यह जानकारी दी। कहा कि राज्य में बेली ब्रिज बनाने की तकनीक आ गई है। पहले यह काम सिर्फ सेना करती थी। अब पुल निर्माण निगम के अभियंताओं को भी बेली ब्लिज की तकनीक की जानकारी है।

पिछले वर्ष अररिया में बाढ़ के बाद ऐसा पुल बनाया गया था। कहा कि कटिहार, सहरसा सहित जिन जिलों में बाढ़ के कारण पुल बहे हैं वहां बेली ब्रिज बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बनने वाली तमाम सड़कों की सात साल तक मरम्मत का जिम्मा संबंधित ठेकेदार के पास रहेगा। इस दौरान टूट-फूट होने पर मरम्मत का कार्य निर्माण करने वाली एजेंसी ही करेगी। इस नई नीति के तहत 43064 किलोमीटर सड़कें बनायी जाएंगी और इस पर 6655 करोड़ खर्च होंगे। घायलों की मदद के लिए मेडिकल एंबुलेंस की भी व्यवस्था की जाएगी। कहा, पटना-गया डोभी सड़क को जल्दही चलने लायक बनाया जाएगा।

बाढ़ को लेकर सीएम नीतीश का फैसला, हरेक परिवार को दी जाएगी 6000 रुपये की सहायता राशि

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ में फंसे लोगों की राहत तथा बचाव के लिए सजग, सतर्क व संवेदनशील है। बाढ़ प्रभावित हर परिवार को 6000 रुपये की सहायता राशि शुक्रवार से दी जाएगी। बाढ़ राहत के लाभार्थियों की सूची जिलों द्वारा आपदा के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में बाढ़ राहत के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। तत्परता से हर बाढ़ पीड़ित को सहायता मुहैया कराई जा रही है। सभी डीएम को मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी लोग पूरी संवेदना से बाढ़ पीड़ितों की सहायता करें। सभी जिलों को राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आपदा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर अनुग्रह राशि दे दी जाती है। सरकार के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। राहत कार्य के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, सरकार देगी। जो भी जरूरी होगा वे सभी कार्य किए जाएंगे। बाढ़ पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक बारिश हुई है। इसके कारण नेपाल से निकलने वाली नदियों में अधिक पानी आने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। वर्ष 2017 की तरह फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी।

सैकड़ों नए गांवों में पानी एनएच बना आशियाना…नेपाल और उत्तर बिहार में हो रही बारिश के कारण सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी समेत राज्य के 12 जिलों में बाढ़ का कहर कम नहीं हो रहा है। इन जिलों की 27 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है। उत्तर बिहार के नेशनल हाईवे पर लोगों ने अस्थाई आशियाना बनाकर डेरा डाल दिया है।

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