बिहार मधुबनी के भेजा गांव का शमशाद पाकिस्तना के ISI के लिए जासूसी करता था, पुलिस ने किया गिरफ्तार

अमृतसर: संदिग्ध आईएसआई एजेंट जफर रियाज (नीला) और मो. अमृतसर में गिरफ्तार होने के बाद शमशाद को अदालत में पेश किया जा रहा है, गुरुवार, 19 मई, 2022। राज्य के विशेष अभियान प्रकोष्ठ, अमृतसर ने एक खुफिया नेतृत्व वाले ऑपरेशन में दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों में शामिल थे। : आतंकवादी गतिविधियों में भेजा गांव के शमशाद नामक युवक को अमृतसर में पकड़े जाने की जानकारी मिली है। हमने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को उसके बारे में जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। – सुशील कुमार, एसपी, मधुबनी

अमृतसर में आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में मधुबनी के मधेपुर प्रखंड के भेजा थाने के भेजा गांव का युवक शमशाद गिरफ्तार हुआ। शमशाद भेजा गांव के वार्ड दस निवासी मो. ऐनुल हक उर्फ छोटका मियां का छोटा पुत्र है। वह बुधवार को अमृतसर में कोलकाता के बेनियापुकर गांव के ओस्टागारलेन निवासी जफर रियाज के साथ पकड़ाया। दोनों की गिरफ्तारी पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपेरशन सेल (एसएसओसी) द्वारा की गई है। उनके पास से अमृतसर एयरफोर्स और इंडियन आर्मी की कुछ तस्वीरें भी मिली हैं। दोनों अमृतसर रेलवे स्टेशन के बाहर अजनाला रोड में मीरा कोट चौक पर ठेला पर नींबू-पानी व सोडा पानी बेचते थे। जानकारी के अनुसार कोलकाता का जफर रियाज 2005 में पाकिस्तान गया था। वहां उसने राबिया नाम की युवती से शादी कर ली। उसके बाद से वह आईएसआई के लिए का काम करने लगा था।

इधर, जैसे ही भेजा गांव के शमशाद (27) की अमृतसर में गिरफ्तारी की सूचना मिलते उसके गांव के लोग सन्न रह गए। बताते हैं कि शमशाद करीब डेढ़ माह पूर्व अमृतसर गया था। वह अमृतसर में करीब 12 वर्ष से ठेला पर नींबू-पानी बेचता है। कोरोना काल के लॉकडाउन के समय में ज्यादा दिन गांव में ही रहा। डेढ़ माह पूर्व वह गांव से फिर अमृतसर गया।

फल बेचते हैं पिता : शमशाद के पिता मो. ऐनुल हक मौसमी फल और मुर्गा फॉर्म की दुकान चलाते हैं। पिता और उसकी मां रोजिदा ख़ातून ने बताया कि वे लोग सपरिवार पंजाब के अमृतसर में रहते थे। वर्ष 2011 में वे गांव आ गए। इसके बाद शमशाद अमृतसर में पानी बेचने लगा। भेजा गांव स्थित घर पर शमशाद का एक पुत्र व एक पुत्री है।

भाई पहुंचा अमृतसर : शमशाद की गिरफ्तारी की सूचना उसके मामा ने मोबाइल से परिजनों को दी। इसपर मुम्बई में मजदूरी कर रहा उसका बड़ा भाई सद्दाम भी अमृतसर पहुंच गया है। गुरुवार दोपहर शमशाद के घर पर ग्रामीण जिज्ञासावश पहुंच रहे थे। गुरुवार अपराह्न तक उसके घर पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचे थे।

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