बिहार के लोगों के लिए काल बना मौसम, आंधी-पानी से 7 मरे, आम-लीची और मक्का को भारी नुकसान

पटना। शुक्रवार की शाम से कोसी और सीमांचल सहित उत्तर बिहार के अधिकतर जिलों में आंधी-पानी से जनजीवन पर असर पड़ा है। वहीं रविवार को भी पटना सहित उत्तर व दक्षिण बिहार के 31 जिलों में आंधी-पानी की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार में 40 से 60 किमी प्रतिघंटे तो दक्षिण बिहार में 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी।

उत्तर बिहार के साथ कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार में शुक्रवार की देर रात आई आंधी-पानी और ओलावृष्टि में अलग-अलग जगहों पर सात लोगों की मौत हो गई। वहीं, आम, लीची और मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आंधी में घरों के छप्पर उड़ गये। कई जगह पेड़ गिर गये तो बिजली के पोल उखड़ जाने से तार जमीन पर आ गये। आंधी-पानी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई। कृषि विभाग ने संबंधित जिलों को फसल के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। इसके बाद मुआवजा के बारे में सरकार फैसला लेगी।

मृतकों में तीन अररिया के जबकि दो खगड़िया और एक सहरसा के रहने वाले थे। साथ ही समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड में पड़ोस का चदरा उड़कर गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई। अररिया के फारबिसगंज में पेड़ से दबकर मझुआ निवासी नूतन देवी (37) की मौत हो गई। उनका पति मिथिलेश, सात वर्षीया बेटी शिवानी कुमार व एक रिश्तेदार परमेश्वर घायल हो गये। रानीगंज के हांसा में दीवार गिरने से नरेश मंडल की बेटी विभा कुमारी (12) की मौत हो गई। इस हादसे में उनकी चार बहनें और मां भी घायल हो गईं। आंधी से तिरहुत, चंपारण, सीतामढ़ी और मिथिलांचल में आम-लीची और गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। शनिवार को बनकटवा प्रखंड के कुछ क्षेत्र में गेहूं फसल सहित आम के टिकोले को नुकसान पहुंचा है। डीएओ चंद्रद्रेव प्रसाद ने बताया कि क्षति का आकलन कराने के लिए बीएओ को निर्देश दिया गया है। मधुबनी में सबसे अधिक आम व गेहूं कोनुकसान हुआ है।

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