अगले साल मार्च-मई के बीच समय पर होगा बिहार में मुखिया चुनाव, 250 से 2000 तक लगेगा नामांकन शुल्क

पंचायत चुनाव में छह पदों के लिए होने वाले चुनाव में 250 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक नामांकन शुल्क देना होगा। हालांकि महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को आधा शुल्क ही देना होगा। हां, नामांकन शुल्क वापस नहीं होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार कोई भी अभ्यर्थी किसी पद के लिए दो से अधिक नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकेगा। हालांकि इसके लिए एक ही नामांकन शुल्क देना होगा। दूसरी ओर एक व्यक्ति एक साथ एक से अधिक पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। लेकिन उन्हें अलग-अलग पद के लिए अलग-अलग नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। नामांकन शुल्क भी अलग-अलग भुगतान करना होगा।

किस पद के लिए कितना नामांकन शुल्क
{ग्राम कचहरी के पंच और ग्राम पंचायत के सदस्य पद के लिए-250 रुपए नामांकन शुल्क देना होगा। हालांकि महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को 125 रुपए देना होगा।{मुखिया, सरपंच व पंचायत समिति के सदस्य पद के लिए-एक हजार रुपए नामांकन शुल्क देना होगा। इन्ही पदों के लिए महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को 500 देना होगा।

{जिला परिषद के सदस्य पद के लिए-दो हजार रुपए नामांकन शुल्क देना होगा। इन्हीं पदों के लिए महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को सिर्फ 1 हजार रुपए ही देना होगा।{अनारक्षित पद पर अगर कोई आरक्षित कोटि का अभ्यर्थी नामांकन करता है तो उससे महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित नामांकन शुल्क ही लिया जाएगा।

अगले साल मार्च से मई के बीच होगा पंचायत चुनाव, आरक्षण की पुरानी व्यवस्था लागू होगी
बिहार विधानसभा चुनाव के समाप्त होने के साथ ही राज्य में नए चुनाव ने दस्तक दे दी है। राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। अगले महीने से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो जाएगा। चुनाव अगले साल मार्च से लेकर मई के बीच कराया जाएगा। इस को ध्यान में रखकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

बिहार में यह दूसरा चुनाव होगा, कोरोना काल में जिसकी तैयारी शुरू हो रही है। पिछला पंचायत चुनाव वर्ष 2016 में कराया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार पिछले चुनाव का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है इस को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू की गई है। चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा और पिछले चुनाव में जो आरक्षण लागू था वही इस चुनाव में भी लागू होगा। इस बार का चुनाव भी 10 चरणों में कराया जा सकता है। पिछला चुनाव 10 चरण में 24 अप्रैल से लेकर 30 मई तक कराए गए थे।

तैयारी शुरू 2 लाख 58 हजार से अधिक पदों के लिए होगा मतदान : पंचायत चुनाव में करीब 258000 पदों के लिए वोटिंग होगी। इसमें जिला परिषद सदस्य के लगभग 11062 पद, पंचायत समिति सदस्य के लगभग 11516 पद, ग्राम पंचायत मुखिया के 8397 पद, ग्राम कचहरी सरपंच के 8397 पद, ग्राम पंचायत सदस्य के 115000 पद और ग्राम कचहरी पंच के लगभग 115000 पदों के लिए वोटिंग होगी।छह माह से अधिक सजा पाए लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

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