बिहार में नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, गाइडलाइन जारी, सितम्बर-अक्टूबर के बीच इलेक्शन

248 नगरपालिकाओं में चुनाव सितंबर-अक्टूबर में संभव, {कुछ जिलों में चुनाव दो चरणों में होगा।{कर्मियों की चुनाव ड्यूटी रैंडम तरीके से।{किसी कर्मी की दोबारा चुनावी ड्यूटी नहीं। पहली बार पार्षद, उप मुख्य पार्षद और मुख्य पार्षद का चुनाव सीधे मतदान से होगा, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन, 17 नगर निगम, 81 नगर परिषद व 147 नगर पंचायतों में ईवीएम से चुनाव

राज्य में नगरपालिका का चुनाव सितंबर-अक्टूबर में संभावित है। राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने 248 नगरपालिकाओं में चुनाव के मद्देनजर मतदानकर्मियों की व्यवस्था, मतदान दल के गठन और उनकी ट्रेनिंग को लेकर सभी प्रमंडलीय आयुक्तों व डीएम को मंगलवार को पत्र लिखा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि आयोग इस महीने के अंत तक चुनाव की घोषणा कर सकता है। राज्य में नगरपालिका का चुनाव मई-जून में ही होना था पर आरक्षण को लेकर टल गया। लेकिन आयोग ने अब चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। राज्य में 17 नगर निगम, 81 नगर परिषद एवं 147 नगर पंचायतों में चुनाव होना है। यह चुनाव तीन पदों पार्षद, उप मुख्य पार्षद और मुख्य पार्षद के लिए होगा। पहली बार मुख्य और उप मुख्य पार्षद का चुनाव भी सीधे मतदान से होगा, यानी वोटर ही ईवीएम का बटन दबा कर इनका चुनाव करेंगे।

महिला कर्मी भी होंगी तैनात|शहरी निकायों में 50% महिलाओं के लिए पद आरक्षित हैं। कर्मियों की अधिक आवश्यकता होने पर महिला कर्मी भी चुनाव में तैनात होंगी। चुनाव के लिए कर्मियों का चयन निर्वाचन आयोग के अनुसार ही रैंडम तरीके से किया जाएगा।

ईवीएम की खराबी ठीक करने को टीम | वोटिंग के दिन खराब ईवीएम को बदलने के लिए प्रत्येक नगर पंचायत के दो वार्ड पर एक, नगर परिषद के एक वार्ड पर एक तथा प्रत्येक नगर निगम के एक वार्ड पर कम से कम दो सेक्टर मैजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी।

आयोग ने प्रमंडलीय आयुक्तों और डीएम को जारी निर्देश में कहा है कि तीन पदों के लिए ईवीएम से चुनाव कराए जाने के कारण कम से कम तीन बैलेट यूनिट और तीन कंट्रोल यूनिट का उपयोग होगा। इसके कारण मतदान दल के गठन के लिए अधिक संख्या में कर्मियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा एक तकनीकी कर्मी को भी लगाया जाएगा जो मतदान केन्द्र पर बायोमेट्रिक के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मतदान दल में एक पीठासीन पदाधिकारी और पांच मतदान पदाधिकारी को मिलाकर मतदान दल का गठन किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर कम से कम तीन ईवीएम होने के कारण सामान्यत: तीन मतदान केन्द्र पर एक पीसीसीपी का गठन किया जाएगा।

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