बिजली बिल में वन नेशन वन रेट का नियम हो लागू… CM नीतीश कुमार ने PM मोदी के सामने रखा प्रस्ताव

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठी बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली के लिए वन नेशन, वन रेट; बिहार के बैंकों में जमा राशि का राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास के लिए ओडिशा में राज्य को एक बंदरगाह अलॉट किए जाने संबधी राज्यहित से जुड़े कई मांगें रखीं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई इस बैठक में 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद से सीएम, पीएम से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार नीति आयोग ने बैठक के पूर्व ही राज्यों से पूरी चर्चा की जो बेहतर है।

सीएम ने कहा कि जब बिजली की आपूर्ति केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को की जाती है तो रेट भी एक होना चाहिए। राज्य में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में काम हो रहा है। राज्य के बैकों में 3.75 लाख करोड़ जमा है, लेकिन बैकों ने राज्य में 1.35 लाख करोड़ ही लोन दिया है। नतीजा है कि राज्य में ऋण-जमा अनुपात मात्र 36.1% है जबकि देश का औसत 76.5% है। कई राज्य तो ऐसे हैं जहां यह अनुपात 100% है। बिहार में जमा पैसे बैंक, दूसरे राज्यों में निवेश कर रहे हैं। ऐसा इंतजाम होना चाहिए कि बैंक जिस राज्य में जमा पूंजी लें, उसे वहीं निवेश भी करें। राज्य की हर पंचायत में बैंक की शाखा खुलनी चाहिए, इसके लिए बैंकों में पंचायत सरकार भवन में जगह दी जाएगी। जहां तक राज्य के औद्योगिक विकास का सवाल है, बीते 15 वर्षों से हम प्रयासरत हैं, लेकिन लैंडलॉक्ड स्टेट होने के नाते अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।

पीएम बोले-10 साल पहले जिओस्पेशल डेटा से बंदिशें हटा दी जातीं तो गूगल भारत में बनता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, ‘हमने हाल ही में भू-स्थानिक (जिओस्पेशल) डाटा से बंदिशें हटाई हैं। अगर हम ये काम 10 साल पहले कर लेते, तो गूगल भारत में बनता, न कि विदेश में। दिक्कत ये है कि गूगल जैसे उत्पादों को बनाने वाली प्रतिभाएं भारतीय हैं, लेकिन ये उत्पाद विदेशी हैं।’ प्रधानमंत्री शनिवार को नीति आयोग की प्रशासकीय परिषद की छठी बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने देश में आए बदलावों का जिक्र किया। साथ ही कहा, ‘देश अब विकास का इंतजार नहीं कर सकता। मिलकर काम करने से ही सफलता मिलेगी। सरकार के नाते हमें इस उत्साह का, प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान भी करना है।

एक जैसी दर तो ~1/यूनिट सस्ती मिलेगी बिजली : वन नेशन वन रेट लागू होने पर बिहार को 1 रुपए तक बिजली सस्ती मिलेगी। वर्तमान में बिजली खरीद की दर 4.50 रुपए है जबकि बिजली बिक्री की राष्ट्रीय दर 3.60 रुपए है। इस 90 पैसे के चलते सूब के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली देनी पड़ती है। इसका सीधा प्रभाव उद्योग सहित अन्य सेक्टरों में पड़ता है। इसको कम करने के लिए राज्य अनुदान दे रहा है। इस राशि से दूसरे क्षेत्र का विकास होगा। बिहार की मांग पूरी होने पर 2005 के बाद बिजली के क्षेत्र में विकास करने वाले राज्यों को सीधा फायदा मिलेगा। महंगी दर से बिजली खरीद का सबसे ज्यादा असर बिहार पर पड़ रहा है। कारण राज्य में बिजली की खपत 700 मेगावाट से बढ़कर 5500 मेगावाट हो गई है।

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