हमारे यहां ‘बिना थूक’ वाला खाना मिलता है, हिं’दुवादी रेस्टोरेंट्स पर खाना खाने उमड़ी भीड़

NEW DELHI : हमारे यहां ‘बिना थूक’ वाला खाना मिलता है, हिंदुवादी रेस्टोरेंट्स पर खाना खाने उमड़ी भीड़ : आप कहीं से गुजर रहें हे। भूख लगने पर किसी होटल या रेस्टोरेंट्स में खाना खाने जाते हो और भोजन मेन्यू चार्ट देखकर चौंक जाते हो। कारण उस पर लिखा है कि हमारे यहां बिना थूक वाला खाना मिलता है। देखते ही देखते फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है। होटल के बाहर खाना खाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

यहां मिलता है ‘बिना थूक’ वाला खाना… केरल के गैर मुस्लिम रेस्टोरेंट्स का मेन्यू कार्ड वायरल : सोशल मीडिया पर कुछ समूह गैर-मुसलमानों के स्वामित्व वाले केरल के रेस्तरां की सूची प्रसारित कर रहे हैं। इसमें ‘थूक मुक्त’ भोजन परोसने की बात कही गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। कुछ ईसाई समूहों द्वारा कथित तौर पर सोशल मीडिया पर सूचियों को साझा किया जा रहा है।

‘सोल्जर्स ऑफ क्रॉस’ नाम के एक प्रमुख सोशल मीडिया ग्रुप ने भी विभिन्न इलाकों में होटलों की एक सूची साझा करते हुए कहा कि वे स्वच्छ भोजन परोसते हैं। व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सूचियों को व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है।

कोझिकोड में रेस्तरां के पैरागॉन समूह, ने इसे अच्छे रेस्तरां की सूची में जगह दी है, ने साइबर सेल से इसकी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सूची में किसी भी तरह की संलिप्तता की निंदा की है।

पैरागॉन के मालिक सुमेश गोविंद ने कहा, “हमें पहले पता नहीं था कि हमारे नाम का उपयोग करके क्या हो रहा था। हम आठ दशकों से अधिक समय से सभी जातियों और पंथों के लोगों को भोजन परोस रहे हैं। हम नहीं जानते कि इसके पीछे कौन है। हमें यकीन नहीं हो रहा है। धार्मिक असहिष्णुता या व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता से उकसाया गया है। हमने अब पुलिस से संपर्क किया है।”

विवाद को जन्म देने वाले वीडियो में एक शख्स को खाने में ‘उड़ते’ देखा जा सकता है। इसे ‘फातिहा जलाना’ रस्म का हिस्सा होने का दावा किया गया था। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान उल्लाल क़ाज़ी फ़ज़ल कोयम्मा थंगल के रूप में हुई है और यह अवसर केरल के पय्यानुर में तजुल उलमा दरगाह में ‘उरोस’ का था।

हालांकि, मुसलमानों का एक वर्ग भी इस प्रथा के खिलाफ सामने आया है। कुछ मुस्लिम मौलवियों ने कहा कि धार्मिक समारोहों के दौरान केवल मौलवियों के एक वर्ग द्वारा उड़ाने या थूकने की प्रथा का पालन किया जाता है। वह भी निजी अवसरों पर। पलायम मस्जिद के इमाम डॉ सुहैब मौलवी ने एक बयान जारी कर कहा कि पैगंबर ने कहा है कि किसी को जूठा खाना नहीं खाना चाहिए। उन्होंने उन मौलवियों की भी निंदा की जो भोजन में थूकते हैं।

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