चाय बेचने वाला लड़का बना अफसर, हिंदी मीडियम से की पढ़ाई, UPSC में मिला 468 रैंक

विकास के पिता कटनी, मध्य प्रदेश में अपनी एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं। विकास गुप्ता ने भी गाँव में रहकर ही हिंदी मीडियम से अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई में हमेशा से अच्छे थे, तो आगे चलकर इंजीनियरिंग के लिए स्कॉलरशिप मिल गई। अब विकास इंजीनियरिंग तो कर रहे थे लेकिन उनका सपना कुछ और था! उन्हें UPSC क्रैक करना था।

घर के हालात और आर्थिक तंगी के कारण कई मुश्किलें उनके सामने आईं, बड़े शहर जाकर रहने और कोचिंग करने के लिए पैसे नहीं थे, ऐसे में कई बार उनका हौसला डगमगाया। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी शुरु की। हाँ, इसके बाद उन्हें भाई की मदद से दिल्ली में कोचिंग करने का मौक़ा मिला; जिससे जीवन में आशा की किरण दिखाई दी और साल 2019 में अपने पहले प्रयास में ही विकास ने प्रीलिम्स क्लियर कर लिया। लेकिन मेंस में वह चूक गए।

इस तरह लगातार तीन बार मेंस एग्ज़ाम में असफल हुए। घर की बढ़ती ज़िम्मेदारियाँऔर समाज के तानों के बीच फंसे विकास निराशा की दहलीज़ पर खड़े थे, जब उनकी ने उनका हौंसला बढ़ाया और आखिरी बार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।आखिरकार एक लंबे संघर्ष के बाद, साल 2022 में उन्होंने UPSC CSE की परीक्षा में 468वीं रैंक हासिल की और अपने जीवन लक्ष्य को पा लिया। उनकी ज़िद और सब्र ने ही उन्हें कामयाबी की राह तक पहुँचाया और आज IAS विकास गुप्ता देश सेवा के साथ-साथ कई युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं।

Input : द बेटर इंडिया

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