चमकी बुखार पर सदन में जमकर गरजे मुख्यमंत्री, नीतीश पर नरम और बीजेपी पर गरम दिखीं विपक्ष

PATNA : मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने चमकी बुखार (एईएस) से बच्चों की मौत पर हंगामा किया। सदन के बाहर और अंदर विपक्षी नेताओं ने हंगामा व नारेबाजी की। चमकी बुखार से बच्चों की मौत पर सदन में चर्चा के लिए विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे मंजूर किया गया। कार्यवाही के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे अपना पक्ष रख रहे थे तो विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विरोधी दलों के नेता सीएम नीतीश कुमार से जवाब देने की मांग करने लगे और मंगल पांडे को इंटरप्ट करते रहे। इस बीच सीएम नीतीश कुमार खुद अपने स्थान पर खड़े हो गए। फिर मंगल पांडे अपनी जगह बैठ गए। सीएम नीतीश ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि पहले इनका पक्ष सुन लीजिए फिर मैं भी बोलूंगा।

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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2012 में चमकी बुखार के ईलाज के लिए एसओपी बना था। बिहार के 15 जिले इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। एसओपी के अनुसार बीमारी से प्रभावित जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और इन जिलों में पड़ने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई। एईएस बीमारी की पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च किए गए, लेकिन किसी विशेष कारक की पहचान नहीं की जा सकी है।

आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने कहा कि बिहार में एईएस से मौत की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है। उन्होंने एईएस से बच्चों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान लेने के लिए धन्यवाद दिया। आरजेडी नेता ने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी भी है। लेकिन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को टारगेट नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में खड़ा होते हुए आरजेडी ने कहा कि नीतीश जी आपको टारगेट किया जा रहा है। चमकी बुखार को लेकर आपसे ज्यादा दोषी मंगल पांडे, सुशील मोदी और केंद्र के स्वाथ्य मंत्री हैं। आप दोषी हैं, लेकिन उससे ज्यादा आपको बदनाम किया जा रहा है।

सदन में कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री दस जून से पहले मुजफ्फरपुर नहीं गये। साथ ही कहा कि सत्ता के सुख में गरीबों की आवाज नहीं सुनी जा रही है। सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दवाई के अभाव में बच्चों की मौत हुई है।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री व विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी विधान परिषद पहुंची और परिषद के बाहर चमकी बुखार से बच्चों की हुई मौत पर राजद के सदस्यों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। राबड़ी ने कहा कि ‘मुजफ्फरपुर मामले में मंगल पांडेय इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। मुजफ्फरपुर मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। कुपोषण से बच्चों की मौत पर जांच करने की जरुरत है।

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