बंगाली, मारवाड़ी व महाराष्ट्र की महिलाएं भी कर रहीं छठ पूजा, बिहार आकर जुड़ी सबकी आस्था

चार दिवसीय छठ पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को राजधानी पटना में छठ व्रतियों ने खरना मनाया। इस दिन व्रतियों ने विशेष प्रसाद के रूप में गुड़ की खीर, रोटी और पूड़ी बनाई। सभी ने दिनभर निर्जला व्रत रखा और शाम को प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर नॉन-बिहारी यानी अन्य राज्यों की छठ व्रती महिलाओं से बातचीत कर जाना कि उनके लिए छठ का क्या महत्व है। 15 वर्षों से छठ कर रहीं बिंदु चौधरी बताती हैं, पांच साल के लिए मन्नत मांगा था लेकिन मन्नत पूरा होने के बाद ही उन्होंने इसे छोड़ा नहीं और पूरी श्रद्धा के साथ इसे लगातार कर रही हैं। पेश है एक रिपोर्ट…

मन्नत पूरी होने पर 15 वर्षों से कस्तूरी कर रहीं छठ पूजा
यारपुर स्थित डीबीसी रोड में रह रहीं बंगाली समाज की कस्तूरी घोषाल बताती हैं, वे पिछले 15 वर्षों से छठ पूजा कर रही हैं। वे कहती हैं, छठ के प्रति उनकी एक अलग श्रद्धा है। जब उनकी शादी हुई तो उन्हें कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने छठ करने की मन्नत मांगी। मन्नत पूरा होने के बाद छठ पूजा करते हुए यह उनका 16वां साल है।

महाराष्ट्र में छठ का नाम सुना था, बिहार आकर व्रत रखना शुरू किया
एजी कॉलोनी में रह रहीं महाराष्ट्र की डॉ. राउत कविता अनिल पिछले 10 वर्षों से बिहार में हैं। वे और उनके पति डॉ. प्रेम शंकर वेटरनरी डॉक्टर हैं। वर्ष 2000 में उन्होंने महाराष्ट्र में ही अपने पति से छठ पूजा के बारे में जाना था। उस वक्त दोनों वहां के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। डॉ. प्रेम उनके लिए बिहार से हमेशा छठ का प्रसाद लेकर जाया करते थे। फिर दोनों की 2011 में शादी हुई, जिसके बाद बिहार शिफ्ट होने पर वे भी छठ पूजा में जाने लगीं। वे कहती हैं, इससे हमारी आस्था जुड़ी हुई है।

मारवाड़ी महिलाओं में प्रचलित है छठ पूजा, कर रहीं वर्षों से व्रत
एग्जीबिशन रोड में रह रहीं चार मारवाड़ी दोस्त बिंदु सर्राफ, अरुणा केडिया, डॉ. नीना अग्रवाल और बिंदु चौधरी बचपन से ही छठ की महत्ता को समझते आ रही हैं। चारों कहती हैं, मारवाड़ियों के बीच भी छठ पूजा प्रचलित है। पिछले 20 साल से छठ पूजा कर रहीं बिंदु सर्राफ कहती हैं, सासू मां की मन्नत थी, जिस कारण उनके बुजुर्ग हो जाने पर वे छठ करने लगीं। 25 वर्षों से छठ पूजा कर रहीं अरुणा केडिया कहती हैं, बच्चे को लेकर मन्नत मांगी थी जो पूरी भी हुई। डॉ. नीना अग्रवाल पिछले 15 साल से छठ कर रही हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *