चिता में भी निभाया सात फेरों का साथ, नजारा ऐसा कि हर किसी आंख भर आई

मेरठ, जेएनएन। जिंदगी भर साथ निभाने के वादे के साथ लिए गए सात फेरों के साथ उन्होंने आखिरी सांस भी साथ ली। दोनों का एक ही चिता पर एक साथ अंतिम संस्कार हुआ तो श्मशान घाट में मौजूद हर आंख नम हो गई।

पल्लवपुरम क्यू पाकेट निवासी सुमित कुमार एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक में बुलंदशहर की एक शाखा में मैनेजर थे। अवकाश होने की वजह से सुमित पत्नी कृष्णा के साथ बाइक से गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान के लिए गए थे। मंगलवार को गढ़ रोड पर भगवानपुर चट्टदवन मोड़ पर रोडवेज बस की टक्कर से दोनों की मौत हो गई थी।

बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार वालों की सहमति बनी कि दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया जाए। इसके लिए पल्हेड़ा के श्मशान घाट में बड़ी चिता बनाई गई। दोनों का उस पर ही अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे जितेश ने मुखाग्नि दी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *