Patna : लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर रहे थे और इस बैठक में उनके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था. डीजीपी से सवाल करते हुए नीतीश कुमार पूछते हैं कि आपकी पुलिस क्या कर रही है. उनको अपराधियों पर हमला करना चाहिए, इसके उल्टा हो रहा है. अपराधी द्वारा जगह-जगह पुलिस को निशाना बनाया जा रहा है. क्या हमने पुलिस वालों को हथियार दिखाने के लिए ही दिया है. वे इसका उपयोग कब करेंगे. जो लोग कट्टा दिखाते हैं उस पर सख्त एक्शन लीजिए. किसी भी कीमत पर अपराध और अपराधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऐसा नहीं चलेगा 2 से 3 दिन में बदलाव दिखना चाहिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना था अपराधी कितना भी हाई लेवल का क्यों ना हो उसे छोड़ ना जाए. जांच के दौरान यह भी देखा जाए कि अपराधियों को किसी वीआईपी लोगों के द्वारा समर्थन तो नहीं दिया जा रहा. कोई साजिश तो नहीं की जा रही है. इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने अपराधियों के खिलाफ स्पीड ट्रायल चलाकर उन्हें सजा दिलाने की बात भी की.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस हाई लेवल मीटिंग के बाद एडीजे हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने कहा की जो लोग कट्टा दिखाएंगे उनसे अब हथियार से बात की जाएगी. हमने पुलिस वालों को पूरी छूट दे रखी है और उन्हें इतना तक कह दिया है की जरूरत पड़े तो एनकाउंटर करने से भी पीछे नहीं हटना है. ए डीजे हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने बताया कि अब अपराधियों के साथ सख़्ती से पेश आया जाएगा.
बताते चले कि बिहार विधानमंडल सत्र के दौरान बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेताओं ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर जमकर हंगामा किया नारेबाजी की. इतना ही नहीं अखबार की प्रत्तियाँ भी लहराई गई जिसमें उन खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसमें कहा गया था कि बिहार पुलिस के जवानों को जगह-जगह अपराधियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है.
बिहार विधान परिषद में नेता विपक्ष राबरी देवी ने तो इतना तक कह दिया था कि यह जंगल राज थोड़े है यह तो मंगल राज है. जब हम लोग सत्ता में थे तब जंगल राज था. देखिये ना होली दिन और उस के एक दिन पहले बिहार में खुलेआम 22 लोगों की हत्या कर दी जाती है. पुलिस अधिकारियों को जगह-जगह टारगेट किया जाता है बावजूद इसके सरकार चुपचाप बैठी हुई है एक्शन नहीं ले रही है.