तालाब किनारे बसे भूमिहीन परिवारों को जमीन खरीदने और मकान बनाने के लिए मिलेंगे पैसे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली के तहत जिले में किए गए कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा की। इस दौरान सीएम ने जल-जीवन- हरियाली योजना से संबंधित सूचना प्रबंधन के लिए बनाए गए सिटीजन रिपोर्ट एंड फीडबैक एप का शुभारंभ किया। इस एप से कोई भी व्यक्ति अपने जिले, प्रखंड व पंचायत की योजनाओं को देख सकेंगे तथा अपने सुझाव भी दे सकेंगे। इस एप से जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत के सभी अवयवों की योजनाओं को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि तालाब पर भूमिहीन परिवार बसे हैं तो उनको विस्थापित करने से पहले जमीन क्रय करने एवं घर बनाने के लिए राशि दी जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग को संबोधित करते हुए कहा सीएम ने कहा कि आहर और पईन दोनों एक दूसरे से जुड़ी हुई संरचना है। आहर में पानी एकत्रित होता है तथा पाइन के माध्यम से पानी आहर से खेतों तक पहुंचाई जाती है। इस तथ्य से सभी को अवगत कराने के निर्देश दिए। कहा कि सोख्ता निर्माण, जल जीवन हरियाली योजना का अंग है। हर हालत में इसे मेंटेन रखना है। हर-घर, नल का जल के पानी का दुरुपयोग ना हो, इस पर भी ध्यान देना होगा।

राजगीर में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के लिए बनाया गया चेकडैम काफी लाभप्रद सिद्ध हुआ है। दो साल तक भी पानी बंद हो जाए तब भी इस चेकडैम से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को पानी मिलता रहेगा। सभी संबंधित सचिवों को राजगीर जाकर पंच पर्वत के बीच में बने इस चेकडैम का अवलोकन करने को कहा। ऊर्जा की खपत की समीक्षा के दौरान हाई मास्ट लाइट लगाए जाने पर आपत्ति जताई। कहा कि इसकी जगह पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जानी चाहिए। हाई मास्ट लाइट पैसे का दुरुपयोग है साथ ही पर्यावरण विरोधी है। कहा कि घर- घर बिजली पहुंचा दी गई है। अब लोगों को अपने भवन में सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव, बिहार दीपक कुमार सहित प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, उप विकास आयुक्त तनया सुल्तानिया, नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, सहायक समाहर्ता प्रियंका रानी आदि मौजूद थे। 

जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत किए गए कार्यों की हुई समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविद चौधरी ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत एक लाख 19 हजार संरचना को चिन्हित किया गया है। जिनमें 52341 सार्वजनिक क्षेत्र एवं 66568 निजी क्षेत्र के हैं। इनमें से 17 हजार 108 जल संरचना में अतिक्रमण था, जिनमें से 15 हजार 190 को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसी तरह, दो लाख 92 हजार 827 सार्वजनिक कुंआ चिन्हित किए गए हैं। जिनमें से 64 हजार 296 सार्वजनिक कुंआ एवं एक लाख 88 हजार 449 निजी कुंआ शामिल हैं। इनमें 9248 कुंआ अतिक्रमित थे, जिनमें से 3577 को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। पांच एकड़ तक के 27829 तालाब और पोखरा चिन्हित किए गए हैं। 8900 में जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ कराया गया, जिनमें 5900 में कार्य पूर्ण कराया गया है। एक एकड़ तक के 9066 आहर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 6189 में कार्य प्रारंभ कराया गया था। इसके अलावा जल जीवन हरियाली अभियान के तहत किए गए कार्यों को विस्तार से बताया गया

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